ड्रोन पहुंचाएंगे डाक, पीएम नरेंद्र मोदी का सपना सच होगा

जयप्रकाश ने कहा कि पीएम मोदी ड्रोन के इस्तेमाल के बारे में अच्छी तरह से वाकिफ हैं. वह चाहते हैं कि ड्रोन देश के दूरदराज के इलाकों से जुड़ें.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Oct 24, 2021, 06:12 PM IST
  • गरुड़ एयरोस्पेस यह सेवा लेकर आ रही है

    यह एक ड्रोन-ए-ए-सर्विस (डीएएएस) है
ड्रोन पहुंचाएंगे डाक, पीएम नरेंद्र मोदी का सपना सच होगा

चेन्नई: जल्द ही आपके डाक पैकेट ड्रोन से आ सकते हैं. चेन्नई स्थित स्टार्टअप गरुड़ एयरोस्पेस यह सेवा लेकर आ रही है. यह एक ड्रोन-ए-ए-सर्विस (डीएएएस) है. हाल में 22 अक्तूबर को इस स्टार्टअप के सीईओ अग्निश्वर जयप्रकाश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद से जयप्रकाश उत्साह से लबरेज हैं.

पीएम चाहते हैं, ड्रोन दूरदराज के इलाकों से जुड़ें
जयप्रकाश ने कहा कि पीएम मोदी ड्रोन के इस्तेमाल के बारे में अच्छी तरह से वाकिफ हैं. वह चाहते हैं कि ड्रोन देश के दूरदराज के इलाकों से जुड़ें. दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को दवाएं और अन्य चीजें पहुंचाने के अलावा ड्रोन उन्हें डाक पैकेज भी पहुंचा सकते हैं. 

अग्निश्वर जयप्रकाश ने कहा, पीएम हालिया नीतिगत पहलों पर उद्योग की प्रतिक्रिया जानने के लिए उत्सुक थे. मैंने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की ड्रोन राजधानी बन जाएगा. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ड्रोन सेवाओं की पेशकश किफायती होनी चाहिए.

संशोधित नीतियां भारतीय ड्रोन उद्योग को गति देंगी
जयप्रकाश के मुताबिक ई-कॉमर्स, फिनटेक, ऑनलाइन खाद्य वितरण क्षेत्रों की तरह, संशोधित नीतियां भारतीय ड्रोन उद्योग को गति देंगी. जयप्रकाश ने पीए को उनके लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में गरुड़ एयरोस्पेस की ड्रोन गतिविधियों के बारे में भी बताया.

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जयप्रकाश के अनुसार उन्होंने एनएचएआई, एनटीपीसी, भारतीय सर्वेक्षण, सेल और वाराणसी स्मार्ट सिटी और इसरो में दवाओं, सब्जियों की ड्रोन डिलीवरी में गरुड़ की चल रही परियोजनाओं पर एक संक्षिप्त जानकारी साझा की.

यहां से मिली है फंडिंग
गरुड़ एयरोस्पेस हाल ही में खबरों में था क्योंकि स्पेसएक्स के संस्थापक एलोन मस्क ने उसके नए सोलर पैनल क्लीनिंग सूर्या ड्रोन को नोटिस किया था. यूके स्थित फंड से प्री-सीरीज ए फंडिंग में 1 मिलियन डॉलर जुटाए. 

जयप्रकाश के अनुसार, गरुड़ एयरोस्पेस के पास लगभग 300 ड्रोन और लगभग 500 पायलट हैं और इसका वैल्यूएशन लगभग 400 करोड़ रुपये है.

हर दिन बना सकते हैं 25 ड्रोन
जयप्रकाश ने कहा कि वे नए फंड के साथ अपनी विनिर्माण क्षमता का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं. वर्तमान में, वे प्रति दिन लगभग 25 ड्रोन बना सकते हैं. ड्रोन-आधारित सेवाओं की पेशकश के अलावा, वे ड्रोन भी बेचते हैं. दक्षिण भारत, हरियाणा और पंजाब में किसान कृषि ड्रोन खरीद रहे हैं.

सरकार ने अगस्त में जारी की थी ड्रोन पालिसी
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने नए ड्रोन नियम 2021 को अगस्त में पारित कर दिया था. जिसके बाद ड्रोन उड़ाने को लेकर नियम बदल गए हैं. ड्रोन को उड़ाने को लेकर नियमों में किए गए बदलावों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जमकर तारीफ की है. 

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