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पटना में खुला देश का पहला खादी मॉल,हाथों के हुनर को मिलेगा बाजार

बिहार आजादी के दिनों से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कर्मभूमि रही है. जाहिर है महात्मा गांधी की कहानियां और उनसे जुड़ी कुछ यादें भी होंगी. बिहार इस साल महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह का "शताब्दी समारोह वर्ष" मना रहा है. इस दौरान प्रदेश में गांधीजी से जुड़ी स्मृतियों को पुनर्जीवित कर संजोने का काम भी किया जा रहा है.

पटना में खुला देश का पहला खादी मॉल,हाथों के हुनर को मिलेगा बाजार

पटना: बिहार सरकार ने राजधानी पटना में देश के पहले मॉडर्न खादी मॉल का उद्घाटन करने की पूरी तैयारी कर ली है. यह मॉल महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन के दौरान देसी खादी निर्मित वस्त्रों के उपयोग में लाए जाने से प्रेरित है. इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 5 नवंबर को करेंगे. हालांकि, इसका उद्घाटन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन होना था, लेकिन राजधानी पटना में जलजमाव से भयावह स्थिति को देखते हुए, इसे टाल दिया गया था. इस दौरान बिहार राज्य उद्योग मंत्री श्याम रजक भी मौजूद होंगे.

इसलिए बेहतरीन है यह खादी मॉल

इस तीन मंजिले इमारत का निर्माण पटना के गांधी मैदान के निकट ही किया गया है, जहां से ये सैलानियों के केंद्र में दिखे. मॉडर्न तकनीक और संरचना के हिसाब से ढ़ाले गए इस मॉल की एक विशेषता यह भी है कि इसकी डिजाइन बेहद आकर्षक लगती है. इस मॉल में महिला, बच्चों और पुरूषों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गईं हैं. 

प्रदेश में हस्तकरघा उद्योग को मिल रहा है बढ़ावा

इस मॉल की सबसे दिलचस्प खासियत यह है कि इसमें गांव-देहात की छोटी-छोटी संस्थाओं या किसी व्यक्ति के बनाए गए उत्पादों को जगह मिलेगी. हाथों से बनाई गई सामाग्रियों की बिक्री भी यहां होगी. इससे हस्तकरघा उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा इसमें बिहार की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक माने जाने वाले मधुबनी पेंटिंग और शिल्पकारियों को भी प्रदर्शनी के रूप में जगह दी गई है. यहीं नहीं कुछ उत्पादों को तो बिक्री के लिए भी रखा गया है और भविष्य में और रखे भी जाएंगे.    
बिहार की राजधानी पटना में बनाए गए इस मॉल से सांस्कृतिक धरोहरों को आर्थिक मजबूती देने का जरिया बनाया गया है, जो बेहद अच्छी बात है. 

केंद्र सरकार की योजनाएं भी बेहद प्रभावी

मालूम हो कि केंद्र सरकार ने भी खादी के उत्थान को लेकर बहुत सारी सब्सिडी और योजनाओं को हरी झंडी दिखाई है. प्रधानमंत्री रोजगार उत्थान योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में खादी के लघु और मध्यम उद्योगों को आर्थिक सहायता दी जा रही है. यहीं नहीं, खादी के हस्तकरघों के लिए जनश्री बीमा योजना के तहत इंश्यूरेंस देने और बीमा करने तक की कवायद की जा रही है. इसके अलावा सरकार ने खादी उत्थान को लेकर बजट में लगातार बढ़ोत्तरी की है. 

बिहार में खादी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तर पर भी कई योजनाओं और कार्यक्रमों के तहत कार्य किए जा रहे हैं.