यूपी हिंसा पर एक और बड़ा खुलासा, ISI कनेक्शन आया सामने

उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून की आड़ में होने वाली हिंसा पर एक और बड़ा खुलासा हुआ है. इसके तहत यूपी में भड़की हिंसा के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की संलिप्तता सामने आई है. सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो के जरिये लोगों को भड़काने का खेल खेला गया.

यूपी हिंसा पर एक और बड़ा खुलासा,  ISI कनेक्शन आया सामने

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून की आड़ में देश को जलाने की साजिश रची गई. इसका कनेक्शन सिर्फ देश के अंदर मौजूद लोगों तक सीमित नहीं है. इस हिंसा की आग में भारत को जलाने की साजिश में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का भी हाथ था.

यूपी हिंसा में ISI कनेक्शन पर बड़ा खुलासा

प्रदर्शन के नाम पर हुई हिंसा का पाकिस्तान कनेक्शन भी सामने आया है. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने हिंसा के लिए उकसाया था. 

  • ISI ने हिंसा फैलाने वालों को मदद मुहैया
  • ISI ने हिंसा फैलाने के लिए फंडिंग की
  • लोगों को उकसाने के लिए फेक वीडियो फैलाए गए
  • सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो से लोगों को भड़काया

यूपी में हिंसा भड़काने कश्मीर और पश्चिम बंगाल से आए पत्थरबाज

यूपी हिंसा का पश्चिम बंगाल और कश्मीर कनेक्शन भी सामने आया है. पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया, इस्लामिक यूथ फेडरेशन, कश्मीर के पत्थरबाज और पश्चिम बंगाल से आए पत्थरबाजों ने यूपी में माहौल बिगाड़ा था.

अबतक 1113 आरोपी गिरफ्तार

यूपी में हुई हिंसा के लिए कुल 327 FIR दर्ज की गई हैं. 1113 आरोपी गिरफ्तार किये गए हैं. 5558 लोगों के खिलाफ निषेधात्मक कार्रवाई की गई है. सोशल मीडिया में आपत्तिजनक पोस्ट डालने के मामलों में 81 एफआईआर दर्ज की गई है. 120 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. 7513 ट्विटर पोस्ट, 9076 फेसबुक पोस्ट, 172 यूट्यूब वीडियो पर कार्रवाई की गई है.

पीपल्स फ्रंट और इंडिया और इस्लामिक यूथ फेडरेशन के लोगों की लोकेशन दिल्ली और यूपी में हिंसा फैलाने वाली जगहों पर मिली है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों को नसीहत दी थी.

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यूपी में हिंसा कैसे फैलाई गई, इसे लेकर अब रोज नए खुलासे सामने आ रहे हैं और साथ पाकिस्तान का असल चेहरा सामने आ रहा है, जो मौके का फायदा उठाने की साजिश कर रहा था. इसी लिए ज़ी हिन्दुस्तान आपसे कहना चाहता है कि अफवाह फैलानों वालों की शिकायत तुरंत पुलिस से करें और ऐसे लोगों को अपने मकसद में कामयाब होने से रोकें.

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