JEE Mains परीक्षा में हेरफेर के मामले में मिला रूसी कनेक्शन, सीबीआई ने 'मुख्य हैकर' को दबोचा

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पिछले साल हुई आईआईटी जेईई (मुख्य) परीक्षा में कथित हेरफेर के मामले में अपनी जांच के सिलसिले में सोमवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर एक रूसी नागरिक को पकड़ा. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. 

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Oct 3, 2022, 10:19 PM IST
  • सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ का था संकेत
  • आरोपी से की जा रही है पूछताछ

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JEE Mains परीक्षा में हेरफेर के मामले में मिला रूसी कनेक्शन, सीबीआई ने 'मुख्य हैकर' को दबोचा

नई दिल्लीः केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पिछले साल हुई आईआईटी जेईई (मुख्य) परीक्षा में कथित हेरफेर के मामले में अपनी जांच के सिलसिले में सोमवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर एक रूसी नागरिक को पकड़ा. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. 

रूसी नागरिक पर मुख्य हैकर होने का संदेह
उन्होंने बताया कि सीबीआई ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में कथित छेड़छाड़ के लिए मिखाइल शरगिन के खिलाफ ‘लुक आउट सर्कुलर’ जारी किया था, जिस पर मुख्य हैकर होने का संदेह है. अधिकारियों ने बताया कि जब रूसी नागरिक शरगिन कजाकिस्तान के अलमाती से हवाईअड्डे पर पहुंचा तो आव्रजन ब्यूरो ने सीबीआई को सतर्क किया. 

आरोपी से की जा रही पूछताछ
उन्होंने कहा कि सीबीआई ने उसे तत्काल रोका और जेईई परीक्षा में छेड़छाड़ के सिलसिले में उससे पूछताछ की जा रही है. सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘जांच के दौरान सामने आया कि कुछ विदेशी नागरिक जेईई (मुख्य) समेत कई ऑनलाइन परीक्षाओं में धांधली में शामिल थे. इस मामले में वह अन्य आरोपियों के साथ मिले थे.’ 

सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ का मिला था संकेत
जांच में संकेत मिला कि शरगिन ने कथित रूप से आईलियॉन सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ की थी. इस सॉफ्टवेयर पर जेईई (मुख्य)-2021 परीक्षा आयोजित की गई थी. अधिकारियों के अनुसार शरगिन ने परीक्षा के दौरान संदिग्ध अभ्यर्थियों की कम्प्यूटर प्रणालियों को हैक करने में अन्य आरोपियों की मदद भी की थी. 

कई लोगों पर दर्ज किया गया था मामला
सूत्रों ने कहा कि शरगिन को हिरासत में लिया जा सकता है. एजेंसी ने पिछले साल सितंबर में ‘एफिनिटी एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड’ और उसके तीन निदेशकों- सिद्धार्थ कृष्ण, विश्वंभर मणि त्रिपाठी और गोविंद वार्ष्णेय के खिलाफ मामला दर्ज किया था. कुछ अन्य लोगों पर भी मामला दर्ज किया गया. 

आरोप है कि तीनों निदेशक अन्य सहयोगियों और दलालों के साथ साजिश रचते हुए जेईई (मुख्य) की ऑनलाइन परीक्षा में हेरफेर कर रहे थे और अभ्यर्थियों से भारी रकम लेकर देश के शीर्ष राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में उन्हें प्रवेश दिला रहे थे. 

आरोपों के अनुसार, हरियाणा के सोनीपत में एक चयनित परीक्षा केंद्र से आवेदकों के प्रश्नपत्रों को प्रौद्योगिकी की मदद से हल कराया जा रहा था.

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