JNU राजद्रोह Case: फिर मुश्किल में कन्हैया, दिल्ली पुलिस के आरोपपत्र पर अदालत ने लिया संज्ञान

मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (CMM) पंकज शर्मा ने दिल्ली पुलिस को मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिलने के करीब एक साल बाद सोमवार को आरोपपत्र का संज्ञान लिया. कन्हैया के अलावा मामले के अन्य आरोपियों में JNU के पूर्व छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य शामिल हैं.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Feb 16, 2021, 02:05 PM IST
  • अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी गृह विभाग दे चुका है
  • आरोपियों को जांच अधिकारी के जरिए 15 मार्च को तलब किया गया है
JNU राजद्रोह Case: फिर मुश्किल में कन्हैया, दिल्ली पुलिस के आरोपपत्र पर अदालत ने लिया संज्ञान

नई दिल्लीः राजधानी दिल्ली स्थित एक अदालत ने 2016 के राजद्रोह मामले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और नौ अन्य के खिलाफ दायर आरोप पत्र पर संज्ञान लिया है. यह आरोप पत्र दिल्ली पुलिस ने दायर किया था. जिस पर संज्ञान लेकर कन्हैया कुमार को 15 मार्च को तलब किया गया है. 

जानकारी के मुताबिक, मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (CMM) पंकज शर्मा ने दिल्ली पुलिस को मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिलने के करीब एक साल बाद सोमवार को आरोपपत्र का संज्ञान लिया. कन्हैया के अलावा मामले के अन्य आरोपियों में JNU के पूर्व छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य शामिल हैं. इन पर भारत विरोधी नारे लगाने का आरोप है. 

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सात अन्य आरोपी भी शामिल
मामले में जिन सात अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है, उनमें कश्मीरी छात्र आकिब हुसैन, मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, उमर गुल, रईया रसूल, बशीर भट और बशारत शामिल हैं. उनमें से कुछ जेएनयू, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र हैं.

Online सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा है कि दस्तावेजों के साथ आरोपपत्र पर गौर किया गया है. आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धाराओ के तहत अपराध का संज्ञान लिया गया है.

27 फरवरी 2020 के आदेश के अनुरूप उपरोक्त अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी गृह विभाग ने पहले अनुमति दे दी है. 

अदालत ने यह भी कहा कि आरोपियों को जांच अधिकारी के जरिए 15 मार्च को तलब किया जाता है. सभी पक्षों को इस आदेश की प्रति ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए भेजी जाएगी. 

यह धाराएं लगाई गई हैं
आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए (राजद्रोह), 323 (जानबूझ कर चोट पहुंचाना), 471 (फर्जी कागज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का वास्तविक की तरह इस्तेमाल करना), 143 (अवैध सभा का हिस्सा होना के लिए दंड), 149 (अवैध सभा का हिस्सा होना), 147 (दंगा करना) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप लगाए गए हैं. 

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