भीषण ठंड से ठिठुर रहा उत्तर भारत, लेह में जमी सिंधु नदी

देश का उत्तरी और पूर्वी हिस्सा भीषण सर्दी से कांप रहा है. जम्मू कश्मीर के लेह में पारा शून्य हो जाने से सिंधु नदी जम गयी है. राजस्थान के कई शहरों में पारा शून्य डिग्री हो गया है. 

 भीषण ठंड से ठिठुर रहा उत्तर भारत, लेह में जमी सिंधु नदी

दिल्ली: पूरा उत्तर भारत भीषण ठंड और शीतलहर से कांप रहा है. दिल्ली में 100 साल बाद सबसे ठंडा दिसंबर रिकॉर्ड किया गया है और यहां मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है. पंजाब, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और राजस्थान में शीतलहर जारी है. जम्मू कश्मीर के लेह में सिंधु नदी जम गयी है और उसका पूरा पानी ठोस बर्फ में तब्दील हो गया है.

राजस्थान के 4 शहरों में पारा शून्य पर

जयपुर में शनिवार की रात पारा 3.4° तक गिर गया. यह पिछले 10 साल की सबसे सर्द रात रही. दिन का तापमान 20.3° रहने पर सर्दी से राहत मिली, लेकिन शाम होते ही ठिठुरन बढ़ गई. माउंट आबू में पारा -1.5° से -3.0° पर पहुंच गया, वहीं, सीकर के फतेहपुर में बीती रात पारा -4° से बढ़कर 0° पर आ गया.

मध्यप्रदेश में ठंड ने जीवन किया अस्त व्यस्त

राजधानी भोपाल में रविवार सुबह का न्यूनतम तापमान 7° दर्ज किया गया. यह शनिवार के 5.3° के मुकाबले ज्यादा है, लेकिन शीतलहर लगातार जारी है. प्रदेश के 10 शहरों में न्यूनतम पारा 5° से नीचे रहा। उज्जैन, रीवा, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग में सीवियर कोल्ड डे घोषित किया गया है. कई जगह स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई, तो कई जगह समय बदला गया है.

उत्तर प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप

आपको बता दें कि शनिवार को बरेली प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा. बुलंदशहर, बागपत, बिजनौर, हापुड़ में तापमान 3° सेल्सियस दर्ज हुआ.वहीं, मथुरा में 2°, सीतापुर, बहराइच, अमेठी, अंबेडकरनगर में 4° सेल्सियस दर्ज किया गया. प्रयागराज में न्यूनतम तापमान 2.9° पर पहुंच गया. उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के विद्यालय बंद करने का आदेश दिया है. प्रदेश में प्रचंड शीतलहर चल रही है.

अभी तीन दिनों तक नहीं मिलेगी राहत

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि फिलहाल तीन दिनों तक भीषण ठंड से राहत नहीं मिलेगी क्योंकि हिमालय की तलहटी से चलने वाली बर्फीली हवाओं की दिशा अभी बदली नहीं है. जब तक ये हवाएं उत्तर भारत की और बहेंगी तब तक ऐसी ही सर्दी पड़ेगी. अनुमान व्यक्त किया जा रहा है कि हिमालय की तलहटी से चलने वाली बर्फीली हवाओं की दिशा तीन दिन बाद परिवर्तित होगी. 

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