• भारत में कोरोना के कुल सक्रिय मामले अभी तक 3851, 319 लोग इलाज के बाद ठीक हुए, 111 लोगों की मौत
  • कोरोना संकट से जूझने के लिए सांसदों की तनख्वाह में से एक साल के लिए 30 फीसदी की कटौती की जाएगी, सरकार ने अध्यादेश को मंजूरी दी
  • जरुरतमंदों तक खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने लॉकडाउन के दौरान रिकॉर्ड 16.94 लाख टन अनाज की ढुलाई की
  • कोरोना मरीजों के लिए 2500 रेल कोचों में 40 हजार आइसोलेशन वार्ड बनाए गए
  • देश के इन राज्यों में कोरोना के ज्यादा मरीज- महाराष्ट्र में 748, तमिलनाडु में 571, दिल्ली में 523, केरल में 314
  • उत्तर प्रदेश में 305, राजस्थान में 274, आंध्र प्रदेश में 226, मध्य प्रदेश में 165 कोरोना के मरीज हैं
  • दुनिया में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 1346003 है. इसमें से 74654 लोगों की मौत हो चुकी है और 278445 लोग ठीक हो चुके हैं

अब चीन की बत्तखें पाकिस्तान को बर्बादी से बचाएंगी

टिड्डियों के हमले के कारण पाकिस्तान में भुखमरी फैल गई है. खेत खलिहान नष्ट हो गए हैं, फसलें बर्बाद हो गई हैं. ऐसे में पाकिस्तान का दोस्त चीन उसकी मदद के लिए आगे आया है. उसने एक खास तरह की फौज पाकिस्तान भेजने का फैसला किया है. लेकिन इस फौज में इंसान नहीं बल्कि पक्षी होंगे.  

अब चीन की बत्तखें पाकिस्तान को बर्बादी से बचाएंगी

नई दिल्ली: पाकिस्तान में टिड्डियों का हमला गंभीर रुप ले चुका है. वहां की फसलें टिड्डियों का दल चट कर चुका है, जिसकी वजह से पाकिस्तान में भुखमरी फैल गई है. इस हालात से निपटने के लिए पाकिस्तान के दोस्त चीन ने बत्तखों की फौज भेजने का फैसला किया है.

टिड्डियों के खात्मे के लिए चीन से चलेगी बत्तखों की फौज
चीन अपने पूर्वी राज्य शिजियांग से बत्तखों की फौज पाकिस्तान भेजने की तैयारी कर रहा है. उसमें एक लाख से ज्यादा बत्तखें होंगी. चीन के अखबार निंगबो न्यूज ने ये रिपोर्ट छापी है. शिजियांग से पाकिस्तान के लिए बत्तखें भेजने की पूरी तैयारी चल रही है. पाकिस्तान को इन बत्तखों का इस्तेमाल करके टिड्डियों को खत्म करने की ट्रेनिंग देने के लिए चीन से विशेषज्ञों की टीम पाकिस्तान पहुंच चुकी है.

बत्तखें ही क्यों
टिड्डियां कई पक्षियों का आहार है. लेकिन चीन ने बत्तखें भेजने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि एक बत्तख दिन भर में 200 से ज्यादा टिड्डियों को खा सकती है. बत्तखों में टिड्डियों से लड़ने की क्षमता किसी दूसरे पक्षी की बजाए तीन गुना ज्यादा होती है. इसके अलावा बत्तखें झुंड में रहना पसंद करती हैं. जिसके कारण उनका रख रखाव कम खर्चीला होता है. 

चीन के अखबार निंगबो न्यूज ने शिजियांग के कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के हवाले से बताया है कि टिड्डियों से निपटने में बत्तखों का इस्तेमाल करने से पर्यावरण को नुकसान भी ना के बराबर होता है.

चीन पहले भी बत्तखों के जरिए टिड्डियों को खत्म कर चुका है
चीन के उत्तर पश्चिमी प्रदेश शिकियांग में बीस साल पहले पाकिस्तान की ही तरह टिड्डियों का हमला हुआ था. जिससे निपटने के लिए चीन ने बत्तखों की फौज का प्रयोग किया था. उस समय भी टिड्डियों के खात्मे में बत्तखें बहुत मददगार साबित हुई थीं. इसके बाद चीन ने अपनी बत्तखों का इस्तेमाल पाकिस्तान के लिए करने का फैसला किया है.

टिड्डियां बन गई हैं पाकिस्तान के लिए बड़ा खतरा
पाकिस्तान में साल 2019 के आखिरी चार महीनों से टिड्डियों का हमला हो रहा है. जिसकी वजह से वहां कपास की फसल खत्म हो गई. अब गेहूं की फसल पर टिड्डियों का खतरा मंडरा रहा है. टिड्डियों का झुंड मीलों में लगी फसल को कुछ ही घंटों में खाकर चट कर देता है. पाकिस्तान में टिड्डियों के हमले के कारण आपात स्थिति पैदा हो गई है.
जिसकी वजह से वहां खाद्य असुरक्षा की स्थिति पैदा हो गई है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने टिड्डी दल के हमले से निपटने को लेकर नेशनल एक्शन प्लान भी तैयार किया है.
भारत में राजस्थान के जो इलाके पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं, वहां भी टिड्डियां आतंक मचा रही हैं.

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