राजस्थान के उद्यमियों के लिए काम करेगा "प्लग एंड प्ले" कांसेप्ट

राजस्थान में उद्यमियों के लिए एक अच्छी खबर है. वहां के उद्यमियों को अब जमीन खरीदने के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना करने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि उनके लिए "प्लग एंड प्ले" कांसेप्ट लाया गया है.

राजस्थान के उद्यमियों के लिए काम करेगा "प्लग एंड प्ले" कांसेप्ट

जयपुर: राजस्थान में अगर आप उद्यम लगाने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए ही है. राजस्थान में आप अगले दिन से ही उत्पादन की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं. जीहां सुनने में भले ही यह काल्पनिक सी बात लगे पर गहलोत सरकार की "प्लग एंड प्ले" योजना ऐसे उद्यमियों के औद्योगिक सपनों में रंग भरने जा रही है. राजस्थान में उद्योग करने वालों को भूमि, भवन, इंफ्रास्ट्रक्चर सब सरकार की ओर से मिलेगा, कारोबारी को सिर्फ अपना उद्यम शुरू करना होगा. इसके लिए पायलट प्राजेक्ट पर जयपुर में काम शुरू होगा, उसके बाद प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में यह पहल होगी.

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इससे बड़े खर्च में होगी कटौती
राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र में नई पहल प्लग एंड प्ले कांसेप्ट एक क्रांतिकारी कदम की तरह है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वर्ष 2020 में इस सुविधा को जारी करने की सूचना दी है. इस कांसेप्ट में उद्वमियों के लिए इंडर्स्टी के लिए भूखंड खरीदना आवश्यक नहीं होगा, रीको ही भवन और भूमि उपलब्ध करवाएगा. साथ ही बिजली, पानी और अन्य मंजूरियां भी दिलवाने का काम भी रीको के द्वारा ही की जाएगी. इसमें उद्यमी को आकर अपना उत्पादन तुरंत करने में सहायता मिलेगा. 

रीको के द्वारा वसूला जाएगा किराया
किराया भी रीको ही वसूलेगा. रीको की ओर से यह सुविधा जयपुर के सेज और सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में विकसित की जाएगी. उसके बाद प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी यह कांसेप्ट लागू किया जाएगा. उद्योग मंत्री परसादीलाल मीणा का कहना हैं कि एमएसएमई एक्ट के जरिए बिना अनुमति के उद्योग लगाने की  मजूरी दी गई, अब यह सामने आया की कई ईकाईयों को भूखंड आवंटन, स्ट्रक्चर निर्माण समेत कई प्रक्रियाओं में तीन से पांच वर्ष लगते हैं. अब रीको औद्योगिक क्षेत्र में ऐसे शेड निर्मित करेगा जहां से उद्यमी अपनी औद्योगिक शुरुआत जरुरी मशीनरी लगाकर कुछ दिनों में कर सकते हैं.

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समय की भी होगी बचत
उत्पादन प्रक्रिया जल्दी शुरू करने में लगने वाले समय की बचत तो होगी ही साथ ही इससे समय में भी बचत किया जाएगा. यह योजना उन नवोदित उद्यमियों को भी मदद प्रदान करेगी जो एमएसएमई यूनिट के जरिए उद्यमिता की सोच रखते हैं. इसके लिए उन्हें भूखंड खरीद में बड़ा निवेश करने की जरुरत नहीं होगी बल्कि रीको से किराए पर शेड लेकर भी उत्पाद निर्माण कर सकेंगे.