बाइडेन-पुतिन बैठक: दोनों देशों के बीच बनी राजदूतों की वापस तैनाती पर सहमति

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बीच बुधवार को जेनावा में मुलाकात हुई. 

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jun 17, 2021, 01:42 AM IST
बाइडेन-पुतिन बैठक: दोनों देशों के बीच बनी राजदूतों की वापस तैनाती पर सहमति

जिनेवा: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बीच बुधवार को जेनेवा में मुलाकात हुई. बाइडेन के अमेरिका का नया राष्ट्रपति चुने जाने के बाद ये दोनों के बीच पहली आधिकारिक मुलाकात थी. इस बैठक के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वह और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन बुधवार को एक ‘‘रचात्मक’’ शिखर बैठक में अपने देशों के राजदूतों को उनके पदों पर वापस भेजने और परमाणु हथियारों को सीमित करने वाले दोनों देशों के बीच अंतिम संधि को बदलने के लिए बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए.

दोनों देशों के बीच नहीं है कोई कड़वाहट
पुतिन ने कहा कि वार्ता के दौरान ‘‘कोई कटुता नहीं’’ थी जो उम्मीद से कम समय में समाप्त हो गई. दोनों पक्षों ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि बैठक चार से पांच घंटे चलेगी लेकिन दोनों नेताओं के बीच बैठक तीन घंटे से भी कम समय चली. इसमें प्रारंभिक बैठक शामिल थी जिसमें दोनों राष्ट्रपति और दोनों के शीर्ष सहयोगी थे. बैठक समाप्त होने के बाद पुतिन ने अकेले ही संवाददाता सम्मेलन करके इसके परिणाम बताये जबकि बाइडन ने अलग से संवाददाताओं को संबोधित किया.

अमेरिका ने उठाया मानवाधिकार का मुद्दा
पुतिन ने स्वीकार किया कि बाइडन ने उनके साथ मानवाधिकारों के मुद्दों को उठाया, जिसमें विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी का मामला भी शामिल था. पुतिन ने नवलनी की जेल की सजा का बचाव किया और रूसी विपक्षी नेताओं के साथ दुर्व्यवहार को लेकर बार-बार पूछे जाने वाले सवालों पर अमेरिका में घरेलू उथल-पुथल का उल्लेख किया जिसमें ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ विरोध प्रदर्शन और 6 जनवरी को कैपिटोल पर हुई हिंसा शामिल है.

नई स्टार्ट संधि पर नए सिरे से होगी वार्ता
पुतिन ने कहा कि वह और बाइडन परमाणु हथियारों को सीमित करने वाली नयी 'स्टार्ट' संधि के 2026 में समाप्त होने के बाद इसे संभावित रूप से बदलने को लेकर वार्ता शुरू करने पर सहमत हुए. रूस द्वारा यूक्रेन के क्रीमिया पर कब्जा करने और पूर्वी यूक्रेन में अलगाववादियों के समर्थन के जवाब में वाशिंगटन ने 2014 में मॉस्को के साथ वार्ता रोक दी थी. 2017 में वार्ता फिर शुरू हुई, लेकिन ट्रम्प प्रशासन के दौरान नई 'स्टार्ट' संधि को विस्तार देने में सफलता नहीं मिली.

दोनों देशों के राजदूतों की होगी वापस तैनाती 
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके बीच अपने राजदूतों को उनकी संबंधित तैनाती पर वापस भेजने पर सहमति बनी. दोनों देशों ने हाल के महीनों में संबंधों में गिरावट होने के चलते अपने शीर्ष राजदूतों को वाशिंगटन और मॉस्को से वापस बुला लिया था. अमेरिका में रूसी राजदूत अनातोली एंतोनोव को करीब तीन महीने पहले वाशिंगटन से वापस बुला लिया गया था जब बाइडन ने पुतिन को हत्यारा कहा था. रूस में अमेरिकी राजदूत जॉन सुलिवन ने करीब दो महीना पहले मास्को छोड़ दिया था. पुतिन ने कहा कि आने वाले दिनों में राजदूतों के अपने पदों पर लौटने की उम्मीद है.

साइबर सुरक्षा के मुद्दों पर बनी सहमति 
पुतिन ने यह भी कहा कि दोनों पक्ष साइबर सुरक्षा के मुद्दों पर परामर्श शुरू करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हैं. हालांकि उन्होंने अमेरिका के इन आरोपों का खंडन किया कि रूसी सरकार अमेरिका और दुनिया भर में व्यापार और सरकारी एजेंसियों के खिलाफ हाल के हाई-प्रोफाइल हैक के लिए जिम्मेदार थी. बाइडन और पुतिन के बीच बुधवार को बैठक एक झील के किनारे स्थित एक स्विस हवेली में हुई.

अपने सबसे निचले स्तर पर हैं रूस अमेरिका संबंध
यह बैठक ऐसे समय हुई जब दोनों नेताओं ने कहा कि उनके देशों के बीच संबंध अब तक के निचले स्तर पर हैं. बैठक शुरू होने से पहले दोनों नेता कुछ समय के लिए मीडिया के समक्ष आए और इसे दो महान शक्तियों के बीच की बैठक करार दिया तथा कहा कि आमने-सामने की बैठक हमेशा बेहतर होती है. पुतिन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बैठक सार्थक रहेगी. हालांकि इस दौरान कैमरों के सामने दोनों नेता एक-दूसरे की तरफ सीधे देखने से बचते नजर आए.

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