Balakot में एनकाउंटर: दुश्मन नंबर वन होगा ‘खल्लास’

बड़े अरमानों के साथ आतंकी नंबर वन मसूद अजहर (Masood Azhar) बहावलपुर से बालाकोट (Balakot) पहुंचा था लेकिन उसके अरमान भारत (India) की तैयारियों के आगे धरे के धरे रह गए. वो समझ ही नहीं पाया कि हिन्दुस्तान बालाकोट में उसकी कब्र तैयार कर चुका है और अब यहां से बच निकलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है..

Written by - Rajendra Kumar | Last Updated : Dec 13, 2020, 11:24 AM IST
  • बालाकोट में मसूद अजहर मौजूद
  • भाई रऊफ को सौंपी नए कैंप की जिम्मेदारी
  • भारत पर हमले तेज करने के लिए आतंकी ट्रेनिंग
Balakot में एनकाउंटर: दुश्मन नंबर वन होगा ‘खल्लास’

नई दिल्ली: LOC से 60 किमी. दूर है जैश का बालाकोट आतंकी कैंप (Terrorist Camp) जहां इन दिनों जैश सरगना मसूद अजहर (Masood Azhar) और उसका भाई रऊफ (Rauf) मौजूद हैं. इसके अलावा उसके परिवार के कई और पेशेवर आतंकी भी कैंप में जश्न मना रहे हैं. यहीं बैठकर मसूद चीन (China) और पाकिस्तान (Pakistan) के इशारे पर भारत को दहलाने की नई साजिश रच रहा है. लेकिन इस बार उसकी कोई साजिश कामयाब नहीं होने वाली है.

मसूद अज़हर की मौत आई!

चीन (China) और पाकिस्तान (Pakistan) के दम पर फुदकने वाले जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-E-Mohammed) के सरगना मसूद अजहर (Masood Azhar) का अंत तय है. हिन्दुस्तान टारगेट सेट कर चुका है बस फाइनल हिट की बारी है.

बालाकोट (Balakot) में एनकाउंटर (Encounter) ऐसा होने वाला है कि जैश सरगना को पता भी नहीं चलेगा कि कब टारगेट लॉक हुआ और कब हिट हो गया. दरअसल इस बार तैयारी ऐसी है कि न भारत सीमा पार करेगा और जंगी जहाज पाकिस्तान की सरज़मी पर जाएंगे लेकिन बालाकोट में तबाही ऐसी होगी कि पाकिस्ता का जर्रा जर्रा कांप उठेगा. इस बार 300 नहीं 3000 आतंकियों की लाशें गिरेंगी. इनमें एक लाश जैश सरगना मसूद अजहर की भी होगी.

'तालिबान खान' ने फिर चालू की जैश की 'जिहाद फैक्ट्री'

आतंकियों और फौज के दम पर सत्ता के सिंहासन पर बैठे इमरान खान (Imran Khan) ने बाजवा (Bajwa) के साथ मिलकर बालाकोट (Balakot) में नए आतंकी कैंप शुरू किए हैं. पहला कैंप 10 दिसंबर को शुरू किया गया जिसमें आतंकियो ने हिन्दुस्तान के खिलाफ और पीएम मोदी (PM Modi) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. हिन्दुओं के खिलाफ भी नारे लगाए गए. बालाकोट आतंकी कैंप (Balakot Terror Camp) का एक्सक्लूसिव वीडियो (Exclusive Video) ज़ी हिन्दुस्तान के पास है जिसमें लगाए जा रहे भारत विरोधी नारों से एक बात साफ है कि इस आतंकी कैंप को सिर्फ और सिर्फ हिन्दुस्तान को लहूलुहान करने के लिए तैयार किया गया है.

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खबर पक्की है कि यहां पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) जैश (Jaish) के आतंकियों को भारत (India) पर आतंकी हमले (Terrorist Attack) के लिए ट्रेनिंग करा रही है. आतंकी संगठन जैश (Jaish-E-Mohammed) का नया आतंकी कैंप उसी जगह पर बना है जहां भारत (India) ने लेजर गाइडेड बम गिराकर जैश के कैंप को तहस-नहस कर दिया था. इजरायल में बने 1000 किलो के लेजर गाइडेड बमों को मिराज विमानों ने गिराया था. लेकिन इस बार न बम गिरेंगे न जंगी जेट सीमा पार करेंगे फिर भी बालाकोट (Balakot) धुआं- धुआं होगा.

 

आतंकी कैंप (Terror Camp) में जब मसूद अपने ख़ूनी इरादों को अंजाम देने के लिए आतंकियों के साथ बैठा होगा तभी उस पर आखिरी प्रहार होगा. साल 2019 में हिन्दुस्तान ने पाकिस्तान (Pakistan) को घर में घुसकर मारा था, लेकिन इस बार चक्रव्यूह ऐसा है कि बालाकोट (Balakot) से बाहर आतंक का अजगर भाग नहीं पाएगा और बिना पाकिस्तान (Pakistan) में घुसे उसे मार गिराया जाएगा.

राफेल से होगा प्रहार, आतंक पर आखिरी वॉर

अबकी बार आतंक पर आखिरी प्रहार भारत राफेल (Rafale) विमानों से करेगा. खुफिया सूत्रों से मिली सूचनाओं के आधार पर भारत ने ऐसा प्लान बनाया है कि दुश्मन को ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो. फ्रांस (France) से मिले राफेल विमानों में घातक मीटिअर और स्काल्प मिसाइलें लगी हैं.

मीटिअर मिसाइलें 150 किलोमीटर तक टारगेट पर सटीक निशाना लगाने में सक्षम हैं. जबकि बालाकोट (Balakot) तो महज 60 किमी. दूर है जबकि स्काल्प मिसाइलें 300 किमी. दूर ज़मीन पर किसी भी टारगेट को तबाह कर सकती हैं . इसके अलावा राफेल 100 किमी. के दायरे में दुश्मन के 40 टारगेट की पहचान कर सकता है.

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2019 से पहले 1971 में भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने पाकिस्तान (Pakistan) में एयरस्ट्राइक (Air Strike) की थी. 1971 की लड़ाई के 48 साल बाद भारतीय लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान की सीमा के अंदर एयर स्ट्राइक (Air Strike) की थी. पाकिस्तान के क़ब्जे वाले PoK को पार किया औऱ पाकिस्तान (Pakistan) के बालाकोट (Balakot) में जैश के आतंकी ठिकानों को बम से उड़ाया. आतंकी सरगना मसूद अजहर और उसके आका इमरान खान (Imran Khan) और बाजवा को ये नहीं भूलना चाहिए कि हिन्दुस्तान ने जब जब सोचा है पाकिस्तान का खेल खल्लास करके ही दम लिया है. 

कौन है आतंकी नंबर वन मसूद अजहर

मौलाना मसूद अजहर आतंकी संगठन जैश का प्रमुख
साल 2000 में आतंकी संगठन जैश बनाया
पाक के बहावलपुर में 10 जुलाई 1968 को जन्म
एक सरकारी स्कूल के टीचर का बेटा है आतंकी मसूद
कराची के जामिया उल इस्लामिया मदरसे से तालीम हासिल की
पढ़ाई के दौरान आतंकी संगठन हरकत उल अंसार से जुड़ा
उर्दू और अरबी पत्रिका का संपादक रहा है मसूद
1994 में श्रीनगर में गिरफ्तार हुआ
1999 में कंधार विमान अपहरण के बाद रिहा
कंधार में रिहा होने के बाद सीधे ओसामा बिन लादेन से मिलने पहुंचा

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जैश का सरगना बेहद खतरनाक और चालाक आतंकवादी है अबतक पाकिस्तान के किसी संगठन ने अगर भारत को सबसे ज्यादा परेशान किया है तो वो मसूद अजहर का जैश-ए-मोहम्मद ही है. आईए जानते हैं कि कब- कब जैश ने देश में आतंकी हमले किए.

साल 2019 - पुलवामा अटैक
40 CRPF जवान शहीद
साल 2016- उरी अटैक
19 जवान शहीद
साल 2016 - पठानकोट एयरबेस पर हमला
7 जवान शहीद, 4 आतंकी मारे गए
साल 2005 - दिल्ली सीरियल ब्लास्ट
लश्कर के साथ मिलकर दिया अंजाम
62 लोगों की मौत
साल 2002- अहमदाबाद में अक्षरधाम मंदिर पर हमला
32 लोगों की मौत
साल 2001- संसद भवन पर हमला
14 कर्मी शहीद

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