Tabish Dehlvi Hindi Shayari: ताबिश देहलवी के शेर, 'मंज़िलों को नज़र में रक्खा है'

Tabish Dehlvi Hindi Shayari: सनातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद ताबिश देहलवी ने साल 1923 में शेर व शायरी करनी शुरू की. उन्होंने शायर फानी बदायूनी के कयादत में शायरी सीखी. उन्होंने गजल, नज्म, नात लिखी.

Tabish Dehlvi Hindi Shayari: ताबिश देहलवी के शेर, 'मंज़िलों को नज़र में रक्खा है'

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Siraj Mahi

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सिराज माही युवा पत्रकार हैं. देश, दुनिया और मनोरंजन की खबरों पर इनकी अच्छी पकड़ है. ज़ी मीडिया से पहले वह 'ईटीवी भारत' और 'दि संडे पोस्ट' जैसे मीडिया हाउस में काम कर चुके हैं. लिखने-पढ़ने के अलावा इन्हें घूमना और खाना बनाना पसंद है.

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