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नई दिल्ली: मुसलमानों की बड़ी संस्थाओं में शुमार ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अहम बैठक के दौरान यूनिफॉर्म सिविल कोड और मुसलमानों के कई विभिन्न मुद्दों को लेकर अहम बैठक की है. इस बैठक में देश के अलग-अलग हिस्सों से शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्यों ने शिरकत की. बैठक में मुसलमानों के तमाम मुद्दों के साथ यूनिफॉर्म सिविल कोर्ट का मुद्दा सरगर्म रहा. बैठक में यह तय हुआ कि यूनिफॉर्म सिविल कोड के खिलाफ जल्द बोर्ड का एक प्रतिनिधिमंडल नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर अपनी बात रखेगा. बोर्ड ने ये भी कहा कि मुसलमानों के लिए मस्जिदों को हिफाज़त और खिदमत के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए.
पीएम मोदी से बोर्ड करेगा मुलाकात
बैठक के बाद शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस मीटिंग में ज्ञानवापी मस्जिद यूनिफॉर्म सिविल कोड इबादतगाहों के संरक्षण हिजाब और मौजूदा दौर में चल रहे लाउडस्पीकर के साथ हुसैनाबाद ट्रस्ट से जुड़े मामले शामिल हैं. मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि प्लेस ऑफ़ वरशिप एक्ट 1991 में छेड़छाड़ नहीं होना चाहिए. मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि हमारे मुल्क में अगर कहीं से अल्लाह हू अकबर की आवाज आती है तो कहीं मंदिर से दूसरी आवाजें आती है. हमारा मुल्क तारीख़ी है जहां हिंदू मुसलमान दोनों मोहब्बत के साथ रहते हैं. यासूब अब्बास ने कहा कि इस मुल्क के आपसी सौहार्द को हम किसी को तोड़ने नहीं देंगे. यासूब अब्बास ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड के साथ मुसलमानों के मौजूदा हालात पर हमारा एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मुलाकात करेगाय.
हिजाब केवल इस्लाम मे नहीं- बोर्ड
हिजाब के मसले पर शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपना रुख साफ करते हुए कहा कि इस्लाम औरत को इज्जत की निगाह से देखता है. बोर्ड ने मिसाल देते हुए कहा कि रास्ते का पत्थर ठोकर में रहता है लेकिन हीरा सुरक्षा में रहता है हिजाब या पर्दा केवल इस्लाम धर्म में नहीं बल्कि हिंदू औरतें भी घुंघट निकालती हैं, सिख और ईसाई धर्म में भी पर्दे का रिवाज है. शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि अगर स्कूल या कॉलेज में ड्रेस यूनिफॉर्म है तो मुसलमान बच्चियां यूनिफॉर्म को अपनाते हुए अगर सर से हिसाब करती हैं तो इसमें किसी को कोई परेशानी नहीं होना चाहिए.
सीएम योगी से बोर्ड ने करी अपील
शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी और प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी गुजारिश करते हुए कहा कि लखनऊ का जरदोजी का काम दुनिया भर में मशहूर है. इसको बनाने वाले कारीगरों को उनकी मेहनत के पैसे नहीं मिल पाते हैं, जिससे उनको बेइंतेहा समस्याएं हैं. इसलिए उनकी समस्याओं पर खास ध्यान दिया जाए और जरदोजी को एक इंडस्ट्री घोषित किया जाए.
हुसैनाबाद ट्रस्ट में बने स्कीम ऑफ़ मैनेजमेंट कमेटी
लखनऊ में शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की अहम बैठक में नवाबों के वक्त में नवाबों द्वारा बनाई गई इमारतों की देखरेख के लिए बनाया गया हुसैनाबाद ट्रस्ट को लेकर भी अहम चर्चा हुई. बैठक के दौरान बताया गया कि हुसैनाबाद ट्रस्ट शिया समुदाय का सबसे बड़ा ट्रस्ट है. जिसमें बड़ा इमामबाड़ा छोटा इमामबाड़ा भूल भुलैया जैसी कई बड़ी धार्मिक इमारतों की जिम्मेदारियां हैं बोर्ड का मानना है कि हुसैनाबाद ट्रस्ट की संपत्तियां तबाह और बर्बाद हो रही हैं, इसलिए बोर्ड ने हुसैनाबाद ट्रस्ट में उत्तर प्रदेश सरकार से स्कीम ऑफ़ मैनेजमेंट कमेटी को बनाए जाने की मांग की है ताकि हुसैनाबाद ट्रस्ट की सुरक्षा हो सके और इसके अंतर्गत आने वाली तमाम संपत्तियों की देख रेख की जा सके.
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