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Udas Shayri Hindi: जिंदगी के दो पहलू हैं. खुशू और गम. जब आशिक या माशूक पास होता हो तो खुशी होती है. लेकिन जब आशिक या माशूक दूर होता है या बेवफाई करता है तो गम होता है. इसी मौजूं पर हम पेश कर रहे हैं कुछ चुनिंदा शेर. ये शेर पढ़ कर आपको लगेगा कि शायर अपने दिल के जज्बात बयान कर रहा है.
क्या कहूँ किस तरह से जीता हूँ
ग़म को खाता हूँ आँसू पीता हूँ
-मीर असर
सुकून दे न सकीं राहतें ज़माने की
जो नींद आई तिरे ग़म की छाँव में आई
-पयाम फ़तेहपुरी
मुसीबत और लम्बी ज़िंदगानी
बुज़ुर्गों की दुआ ने मार डाला
-मुज़्तर ख़ैराबादी
मेरी क़िस्मत में ग़म गर इतना था
दिल भी या-रब कई दिए होते
-मिर्ज़ा ग़ालिब
उन का ग़म उन का तसव्वुर उन की याद
कट रही है ज़िंदगी आराम से
-महशर इनायती
कर रहा था ग़म-ए-जहाँ का हिसाब
आज तुम याद बे-हिसाब आए
-फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
एक वो हैं कि जिन्हें अपनी ख़ुशी ले डूबी
एक हम हैं कि जिन्हें ग़म ने उभरने न दिया
-आज़ाद गुलाटी
इस क़दर मुसलसल थीं शिद्दतें जुदाई की
आज पहली बार उस से मैं ने बेवफ़ाई की
-अहमद फ़राज़
अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपाएँ कैसे
तेरी मर्ज़ी के मुताबिक़ नज़र आएँ कैसे
-वसीम बरेलवी
दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है
लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
-फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
सारी दुनिया के ग़म हमारे हैं
और सितम ये कि हम तुम्हारे हैं
-जौन एलिया
पत्थर के जिगर वालो ग़म में वो रवानी है
ख़ुद राह बना लेगा बहता हुआ पानी है
मैं रोना चाहता हूँ ख़ूब रोना चाहता हूँ मैं
फिर उस के बाद गहरी नींद सोना चाहता हूँ मैं
-फ़रहत एहसास
ग़म है न अब ख़ुशी है न उम्मीद है न यास
सब से नजात पाए ज़माने गुज़र गए
-ख़ुमार बाराबंकवी
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