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लंदनः ब्रिटेन के सरकारी ब्रॉडकास्टर बीबीसी के चेयरमैन रिचर्ड शार्प ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है कि रिचर्ड शार्प ने तत्कालीन प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन के लिए कर्ज के संबंध में सार्वजनिक नियुक्तियों के नियमों का उल्लंघन किया था. देश की सार्वजनिक नियुक्तियों की निगरानी करने वाली संस्था इस बात की जांच कर रही है कि सरकार ने 2021 में ब्रॉडकास्टर की अध्यक्षता करने के लिए नियमों का उल्लंघन कर शार्प का चयन कैसे किया था? रिपोर्ट में पाया गया कि उसने सार्वजनिक नियुक्तियों के लिए सरकार के कोड का उल्लंघन किया था. पूर्व बैंकर शार्प को 10 फरवरी, 2021 को बीबीसी के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था. उन्होंने पहले जेपी मॉर्गन में आठ साल और फिर गोल्डमैन सैक्स में 23 साल तक काम किया था.
रिचर्ड शार्प ने दी सफाई
अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए शार्प ने कहा कि जो रिपोर्ट शुक्रवार को प्रकाशित हुई थी और जिसमें सार्वजनिक नियुक्तियों के लिए नियमों का उल्लंघन करने करने का मुझ पर आरोप लगाया गया है, ऐसे किसी आरोपों से मेरी नियुक्ति अमान्य नहीं हो जाती है. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में पूर्व प्रधान मंत्री के लिए ऋण की सुविधा, व्यवस्था या वित्तपोषण का जो उन पर आरोप लगा है, उसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है. शार्प ने कहा कि उन्हें कैबिनेट सचिव साइमन केस और सैम बेलीथ के बीच एक बैठक स्थापित करने में अपनी भूमिका का खुलासा करना चाहिए था, जिसमें एक व्यवसायी तत्कालीन पीएम को वित्तीय मदद की पेशकश कर रहा था. उन्होंने कहा कि ऐसा न करके उन्होंने गलती की है, जिसके लिए वह माफी मांगते हैं.
अपने अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद बीबीसी ने क्या कहा ?
शार्प के इस्तीफे के जवाब में, बीबीसी बोर्ड ने कहा, “हम रिचर्ड के फैसले को स्वीकार करते हैं और समझते हैं. हम रिचर्ड को अपना धन्यवाद देना चाहते हैं, जो एक मूल्यवान और सम्मानित सहयोगी और बीबीसी के एक बहुत प्रभावी अध्यक्ष रहे हैं." .“बीबीसी बोर्ड का मानना है कि रिचर्ड शार्प ईमानदार व्यक्ति हैं." बोर्ड ने कहा कि शार्प “बीबीसी, उसके मिशन के लिए एक वास्तविक पैरोकार थे, जो देश और विदेश में एक अमूल्य संपत्ति है.
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