Zee Rozgar Samachar

Cabinet: नारियल के किसानों को अब मिलेगी ज्यादा कीमत, सरकार ने 375 रुपये बढ़ाई MSP

Cabinet: नारियल की खेती करने वाले किसानों को अगर उनकी फसल के लिए बाजार भाव कम मिला तो सरकारी एजेंसियां किसानों से उनकी फसल खरीदेंगी. MSP में बढ़ोतरी से किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी. 

Cabinet: नारियल के किसानों को अब मिलेगी ज्यादा कीमत, सरकार ने 375 रुपये बढ़ाई MSP
Cabinet: नारियल के किसानों को अब मिलेगी ज्यादा कीमत

नई दिल्ली: Cabinet Latest Update: नारियल (Copra) की खेती करने वाले किसानों के लिए मोदी सरकार ने बड़ी सौगात दी है. आज हुई कैबिनेट की बैठक (Cabinet Meeting) में सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सूखे नारियल (milling copra) और गोल नारियल (ball copra) का MSP बढ़ाने का फैसला किया है. कैबिनेट में सूखे नारियल का MSP 375 रुपये प्रति क्विंटल और गोल नारियल का MSP 300 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने का फैसला हुआ. 

नारियल की नई MSP से किसानों की बढ़ेगी आमदनी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट कमेटी ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठक में 2021 सीजन के लिए नारियल की MSP पर मुहर लगी. फेयर एवरेज क्वालिटी (FAQ) वाले सूखे नारियल की MSP बढ़ाकर 10335 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, इसका लागत मूल्य 6805 है. 2020 सीजन के लिए इसकी MSP 9960 रुपये प्रति क्विंटल थी. जबकि बॉल नारियल के लिए MSP को बढ़ाकर 10,600 रुपये कर दिया गया है, जो कि पिछले साल 10,300 रुपये प्रति क्विंटल थी.

ये भी पढ़ें- 7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर! LTC अलाउंस की मुश्किल हुई आसान 

'उत्पादन लागत से 52 परसेंट ज्यादा है MSP'

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया कि सूखे नारियल की MSP उसके उत्पादन लागत से 52 परसेंट ज्यादा है, जबकि बॉल नारियल की MSP उसके उत्पादन लागत से 55 परसेंट ज्यादा है. 2021 सीजने के लिए नारियल की MSP उसी सिद्धांत पर है, जिसमें तय किया गया था कि MSP का स्तर औसत उत्पादन लागत से कम से कम डेढ़ गुना होना चाहिए. इसे स्तर को सरकार ने बजट 2018-19 में तय किया था. 

सरकारी एजेंसियां खरीद लेंगी फसल, अगर...  

प्रकाश जावडेकर ने कहा कि बाजार कीमतें आमतौर पर MSP से ज्यादा होती हैं. लेकिन कभी भी अगर कीमतें सपोर्ट प्राइस से नीचे आती हैं तो सरकारी एजेंसियां किसानों के हितों की रक्षा के लिए उन प्रोडक्ट्स को खरीद लेंगी. National Agricultural Cooperative Marketing Federation (NAFED) और National Cooperative Consumer Federation (NCCF) दोनों ही केंद्रीय नोडल एजेंसियां हैं, जो नारियल उगाने वाले राज्यों में प्राइस सपोर्ट को देखती हैं. भारत गरी उगाने वाला दुनिया का नंबर एक देश है. इसका उत्पादन 12 तटीय राज्यों में खासतौर पर किया जाता है. 

ये भी पढ़ें- SHOCK! बिजली का बिल नहीं भरा तो लगेगा झटका! प्री-पेड में बदल जाएगा स्‍मार्ट मीटर और फिर...

VIDEO

 

 

Zee News App: पाएँ हिंदी में ताज़ा समाचार, देश-दुनिया की खबरें, फिल्म, बिज़नेस अपडेट्स, खेल की दुनिया की हलचल, देखें लाइव न्यूज़ और धर्म-कर्म से जुड़ी खबरें, आदि.अभी डाउनलोड करें ज़ी न्यूज़ ऐप.