ग्रुप सेक्रेटरीज के साथ पीएम मोदी की अहम बैठक 21 दिसंबर को, इकोनॉमिक ग्रोथ पर होगा मंथन

पीएम मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत होते ही 10 ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज़ का गठन किया था. सचिव समूहों के गठन का मकसद सेक्टर स्पेसिफिक में ग्रोथ और दिक्कतों को दूर करना.

ग्रुप सेक्रेटरीज के साथ पीएम मोदी की अहम बैठक 21 दिसंबर को, इकोनॉमिक ग्रोथ पर होगा मंथन
फाइल फोटो

नई दिल्ली: तमाम सेक्टर्स के ग्रोथ और लॉन्ग टर्म प्लानिंग के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अगुवाई में 21 दिसंबर को ग्रुप सेक्रेटरीज की अहम बैठक है. सूत्रों के मुताबिक पीएम की अध्यक्षता वाली इस बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री और काउंसिल मिनिस्टर्स भी मौजूद रहेंगे. आपको बता दें कि पीएम मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत होते ही 10 ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज़ का गठन किया था. सचिव समूहों के गठन का मकसद सेक्टर स्पेसिफिक में ग्रोथ और दिक्कतों को दूर करना.

ऐसे समय में जब देश की इकोनॉमीक ग्रोथ सुस्त पड़ी है और निवेश ना के बराबर आ रहा है इस बीच पीएम मोदी की तमाम सेक्टर्स को लेकर होने वाली समीक्षा बैठक बेहद अहम मानी जा रही है. सूत्रों की मानें तो ग्रुप सेक्रेटरीज, पीएम मोदी और कैबिनेट सचिव के सामने सेक्टर स्पेसिफिक प्रेजेंटेशन देंगे और साथ ही अगले 5 साल का रोडमैप भी पेश करेंगे. 

आपको बता दें कि इंफ्रा सेक्टर में कमज़ोर निजी निवेश पर पीएमओ पहले से ही अपनी नाखुशी और नाराज़गी जाता चुका है. सूत्रों के मुताबिक इंफ्रा सेक्टर की सुस्त ग्रोथ पर पीएम मोदी ने भी चिंता जताई है. इंफ्रा सेक्टर में निवेश बढ़ाने और ग्रोथ ट्रैक पर लाने के लिहाज से भी इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है. पीएम मोदी की अध्यक्षता में 21 दिसंबर को पीएमओ में इंफ्रा सेक्टर पर निवेश को लेकर काफी जोर रहने वाला है ।

जानकारी के मुताबिक इंफ्रा सेक्टर से जुड़े सभी मंत्री मसलन नितिन गडकरी (सड़क परिवहन), प्रकाश जावड़ेकर (अतिरिक्त प्रभार- हैवी इंडस्ट्री), पीयूष गोयल (वाणिज्य मंत्री) हरदीप सिंह पूरी (शहरी विकास मंत्रालय) मौजूद होंगे. सभी मंत्रियों को पहले से ही निवेश बढ़ाने को लेकर रोडमैप तैयार कर लाने के लिए कहा जा चुका है.

मंत्रियों के साथ सभी इंफ्रा संबंधित मंत्रालयों के सेक्रेट्री (सचिव), उच्च अधिकारी और नीति आयोग के अधिकारी भी शामिल होंगे. सरकार इंफ्रा सेक्टर में निवेश खासकर निजी निवेश को बढ़ावा देना चाहती है. सरकार का मत है कि इंफ्रा से सेक्टर में ग्रोथ के जेडीए रोजगार बढ़ेगा और साथ कि देश की इकोनॉमी को ज़रूरी ग्रोथ या बूस्ट भी मिलेगा.

आपको बता दें कि सराकर ने अगले 5 साल में इंफ्रा सेक्टर में 100 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है. इंफ्रा सेक्टर में पोर्ट्स, रोड हाईवे, रेलवे, एयरपोर्ट या एविएशन विस्तार में निवेश बढ़ाने की योजना है.

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