Sunlight On Earth: क्लाइमेट चेंज का असर अब सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि धरती तक पहुंचने वाली सूरज की रोशनी का बैलेंस भी बदल रहा है. एक नई रिसर्च के मुताबिक आने वाले समय में कुछ इलाकों में धूप ज्यादा तेज होगी, जबकि कुछ जगहों पर सूरज की किरणें पहले से कम पहुंचेंगी.
Weather Update: WWSO के मुताबिक भारत अन्य देशों की तुलना में ज्यादा गर्म हो रहा है. दिल्ली, यूपी, हरियाणा और राजस्थान में भीषण गर्मी और हीट वेव की स्थिति बनी हुई है. 25 अप्रैल को बांदा का तापमान 47.4 डिग्री दर्ज हुआ था. 26 अप्रैल को कई जगहों पर पारा 40-45 डिग्री रहा. लू ने उत्तर भारत में हाहाकार मचा रखा है.
Weather Update: विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार 2026 में अल नीनो की वापसी से भारत में कम बारिश और ज्यादा गर्मी का खतरा है. इस बीच, भारतीय मौसम विभाग ने कमजोर मानसून के संकेत दिए हैं. इससे कृषि, जल संकट और हीटवेव का असर बढ़ सकता है, जबकि हिमालयी बर्फ में कमी स्थिति को और गंभीर बना रही है.
The Complexity of Afforestation: हम अक्सर सुनते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) से बचने का सबसे आसान तरीका 'पेड़ लगाना' है. लेकिन वैज्ञानिकों की एक नई रिसर्च ने इसे पूरी तरह सही नहीं माना है. उनका कहना है कि हर जगह पेड़ लगाना फायदेमंद नहीं होता, बल्कि कुछ मामलों में यह धरती को और भी गर्म कर सकता है.
ग्रीनलैंड को लेकर हाल में ही एक नया शोध सामने आया है. इसने केवल वैज्ञानिकों ही नहीं, बल्कि सभी को हैरान किया है. एक नई शोध में वैज्ञानिकों को पता चला है कि जब दुनिया गर्म होती है तो ग्रीनलैंड की बर्फ कितनी नाज़ुक हो सकती है.
Coral Reefs: नए शोध में एक डरावनी बात सामने आई है. अगर समुद्र का पानी ऐसे ही गर्म होता रहा तो 2026 में समुद्री चट्टानें (Coral Reefs) ऐसे स्तर पर पहुंच जाएंगी जहां से उन्हें बचाना नामुमकिन हो जाएगा.
Antarctica Icebreg: अंटार्कटिका का एक बड़ा बर्फ का पहाड़ जो दुनिया के सबसे बड़े पहाड़ों में एक था, अब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है. यह विशाल हिमखंड बहते हुए गर्म पानी वाले इलाके की ओर आ गया है.
Global Warming Impact on India : राष्ट्रीय स्तर पर पिछले 12 महीनों में 71% भारतीयों ने गंभीर गर्मी की लहरों, 59% ने कृषि कीट और बीमारियों, 59% लोगों ने बिजली कटौती, 53% ने प्रदूषण, 52 सूखा, 52% ने पानी की कमी और 51% ने गंभीर वायु प्रदूषण का अनुभव किया है.
ब्राज़ील के बेलेम शहर में चल रहा COP-30 (Conference of Parties) शायद हमारी सभ्यता के भविष्य का सबसे अहम मोड़ साबित हो सकता है. संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट चेतावनी देती है कि 2025 अब तक का सबसे गर्म साल बन सकता है. यानी, हमने धरती को उसकी सहने की सीमा तक पहुंचा दिया है. दिल्ली की जहरीली हवा, तेहरान का सूखा, और युद्धों से बर्बाद होती प्रकृति... ये सब एक ही सवाल पूछ रहे हैं. क्या धरती अब इंसानों के लिए रहने लायक बची है? इस वीडियो में जानिए कि COP-30 में दुनिया किन मुद्दों पर बहस कर रही है. क्यों 1.5°C तापमान लक्ष्य अब लगभग असंभव हो चुका है.
Climate Change Impact: धरती पर सबसे ज्यादा बर्फ साउथ पोल यानी अंटार्कटिका पर है. यहां पृथ्वी का 70% ताजा पानी और 90% बर्फ मौजूद है. इसके अलावा नॉर्थ पोल और ग्रीनलैंड भी पूरी तरह बर्फ से ढके हैं. ऐसे में कभी आपने सोचा है कि यदि अचानक धरती की सारी बर्फ पिघल जाए तो क्या होगा. दुनिया के कौन से शहर या राज्य डूब जाएंगे. चलिए जानते हैं.
Global Warming:'नेचर अर्बन सस्टेनेबिलिटी पत्रिका' में पब्लिश हुई मैकगिल विश्वविद्यालय की एक रिचर्स के मुताबिक जलवायु परिवर्तन के कारण लगातार समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है और यदि जीवाश्म ईंधन का उपयोग होना बंद नहीं हुआ तो इस सदी के अंत तक दुनिया के तटीय इलाकों की 10 करोड़ से ज्यादा इमारतें समुद्र में समा जाएंगी.
Global Warming: अभी अप्रैल का महीना ही चल रहा है लेकिन रोजाना बढ़ता हुआ तापमान लोगों को परेशान कर रहा है. अप्रैल महीने का इतना गर्म होने की वजह आखिर क्या है. क्या जलवायु में परिवर्तन हो रहा है.
Climate Change: दुनिया भर के जलवायु संगठन इस बात से सहमत हैं कि पिछला साल रिकॉर्ड में सबसे गर्म था. इसे फौरन रोकने की जरूरत है, वरना इसके बुरे नतीजे सबको भुगतने पड़ेंगे.
NASA Global Warming Report: दुनिया का तापमान पिछले कई दशकों से बढ़ रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय से गर्मी अचानक और काफी तेजी से बढ़ी है. ग्लोबल तापमान में आ रहे बदलावों पर नजर रखने वाली अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा भी इस खतरनाक ट्रेंड को समझा नहीं पा रही.
2024 Warmest Year On Record: यूरोपीय जलवायु सेवा के मुताबिक, यह लगभग तय हो गया है कि 2024 अब तक का सबसे गर्म साल होने वाला है. वैज्ञानिकों ने इसे दुनिया के लिए खतरे की घंटी करार दिया है.
Global Warming News: वैज्ञानिकों ने एक नई स्टडी में सुझाव दिया है कि पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में लाखों टन हीरे की धूल छिड़कने से ग्लोबल वार्मिंग को रोका जा सकता है.
3775 Year Old Wood: ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ने से मौसम बदल रहे हैं, वैज्ञानिक इस प्रक्रिया को धीमा करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नए तरीके खोज रहे हैं. 27 सितंबर को जर्नल साइंस में पब्लिश एक हालिया स्टडी में, वैज्ञानिकों ने कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए एक नई रणनीति का खुलासा किया.
Video: पिथौरागढ़ के प्रसिद्ध ओम पर्वत से बर्फ गायब हो गई है. जिसकी वजह से वहां दिखने वाली ओम की आकृति भी गायब है. बर्फ के पिघलने की वजह हिमालय पर लगातार बढ़ता तापमान है. ओम पर्वत से बर्फ के गायब होने की घटना से स्थानीय लोग, पर्यटक और वैज्ञानिक हैरान हैं. हालांकि अब कहा जा रहा है कि ओम की आकृति दोबारा दिखाई देने लगी है. आप भी वीडियो देखें.
Global Warming: बारिश के बदलते पैटर्न ने पूरी दुनिया के लिए संकट की घंटी बजा दी है. ग्लोबल वार्मिंग के चलते बारिश पर बुरा असर पड़ा है. नए रिसर्च में सामने आया है कि पिछली शताब्दी में इंसानी गतिविधियों के कारण गर्मी बढ़ी है.
Causes of Global Warming: देश के चीफ जस्टिस ने जलवायु परिवर्तन से दिव्यांगों और महिलाओं पर बढ़ रहे खतरे पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि इस मामले में सभी को सोचने और काम करने की जरूरत है.
Global Warming Latest Study: पिछले कई वर्षों से दिल्ली के आसमान में कॉर्बन डाइऑक्साइड के बादल क्यों बन रहे हैं. इस रहस्य से अब पर्दा हट गया है. नासा के एक्सपर्ट ने इस राज से पर्दा हटा दिया है.
Glacial Lakes: वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तराखंड में ऐसी पांच झीलें हैं जो खतरनाक हो सकती हैं और अगर ये झीलें फट जाती हैं तो उसके रास्ते में आने वाले गांवों भारी नुकसान हो सकता है और कई लोगों की जान भी जा सकती है.