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IAS Success Story: कहानी उस महिला आईएएस की, जिन्होंने पापा से किया था अफसर बिटिया बनने का वादा

UPSC Success Story:  यूपीएससी क्लियर करना आसान काम नहीं होता है, लेकिन असंभव कुछ भी नहीं होता. अगर आप ठान लें कि आपको ये काम करना है तो फिर आपको फोकस सिर्फ टारगेट पर होता है. फिर कितनी ही बाधाएं क्यों न आ जाएं आपको उनसे लड़ने की ताकत मिल जाती है. आज हम बात कर रहे हैं 22 साल की उम्र में आईएएस बनने वाली महिला अफसर सुलोचना मीणा की.

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सुलोचना ने ऑल इंडिया लेवल पर 415वीं तथा एसटी कैटेगरी में 6वीं रैंक हासिल की है. अब तक 22 साल की उम्र में चयनित होने वाले जिले के लोगों में फीमेल कैटेगरी के तहत सुलोचना पहली कैंडिडेट हैं.

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सुलोचना ने अपने पिता से वादा किया था कि वह अफसर बनकर दिखाएंगी. वह खुद को लकी मानती हैं की उन्होंने महज 22 साल की उम्र में ही सफलता हासिल कर ली. 

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सुलोचना ने सेल्फ स्टडी के दम पर यह सफलता हासिल की है. वह इसे पढ़ाई का सबसे अच्छा तरीका मानती हैं. सुलोचना ने ग्रेजुएशन के दौरान ही यूपीएससी की तैयारी करना शुरू कर दिया है. 

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पढ़ाई की बात करें तो सुलोचना दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ी हैं. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है. सुलोचना ने अपनी ग्रेजुएशन बॉटनी में की है.

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सुलोचना के फैमिली बैकग्राउंड की बात करें तो वह राजस्थान के सवाई माधोपुर के आदलवाड़ा की रहने वाली हैं. सुलोचना के पिता एक रेलवे अफसर हैं और मां हाउस फाइफ हैं. सुलोचना की छोटी बहन भी हैं.

 

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