Success Story: दो बार असफल होने पर दोस्तों ने उड़ाया मजाक, तीसरी बार में अपाला ने बना दिया रिकॉर्ड, जानें सफलता की कहानी
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Success Story: दो बार असफल होने पर दोस्तों ने उड़ाया मजाक, तीसरी बार में अपाला ने बना दिया रिकॉर्ड, जानें सफलता की कहानी

यूपीएससी सिविल परीक्षा पास करने को लेकर अपाला मिश्रा (IAS Apala Mishra) कहना है कि उनका दो बार प्रीलिम्स परीक्षा में ही चयन नहीं हो पाया था. इसको लेकर उनके दोस्त उनका मजाकर उड़ाते थे. लेकिन उन्होंने इन सब चीजों को दरकिनार करके तैयारियां की और उनका चयन आईएएस के लिए हो गया.

Success Story: दो बार असफल होने पर दोस्तों ने उड़ाया मजाक, तीसरी बार में अपाला ने बना दिया रिकॉर्ड, जानें सफलता की कहानी

नई दिल्ली. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सर्विसेज परीक्षा को देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में एक माना जाता है. यही कारण है कि इस परीक्षा को क्लियर करने वाले अभ्यर्थी अन्य अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन जाते हैं. ऐसी ही कुछ कहानी प्रख्यात कवि स्वर्गीय हजारी प्रसाद द्विवेदी की नातिन अपाला मिश्रा का है. अपाला जब डेंटल मेडिकल के अंतिम वर्ष में थीं, तब उन्होंने सिविल सर्विसेज (Civil Services Exam) में जाने का फैसला लिया था. उन्होंने साल 2018 से अपनी तैयारी शुरू कर दी थी और अपने दो प्रयासों में असफल भी रही थीं. बावजूद इसके उन्होंने हार नहीं मानी और सिविल सर्विसेज की परीक्षा को उत्तीर्ण कर दिखाया.

यूपीएससी सिविल परीक्षा पास करने को लेकर अपाला मिश्रा (IAS Apala Mishra) कहना है कि उनका दो बार प्रीलिम्स परीक्षा में ही चयन नहीं हो पाया था. इसको लेकर उनके दोस्त उनका मजाकर उड़ाते थे. लेकिन उन्होंने इन सब चीजों को दरकिनार करके तैयारियां की और उनका चयन आईएएस के लिए हो गया.

सेल्फ स्टडी पर किया फोकस
अपाला मिश्रा ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग जॉइन की थी. लेकिन फिर उन्हें समझ में आया कि सफल होने के लिए कोचिंग के बजाय सेल्फ स्टडी पर फोकस करना बेहतर रहेगा. एक बार मॉक टेस्ट (Mock Test) में उम्मीद से कम नंबर आने पर वे हताश हो गई थीं लेकिन उसे खुद पर हावी नहीं होने दिया.

इंटरव्यू में मिले सबसे ज्यादा मार्क्स
अपाला मिश्रा की मेहनत का ही नतीजा था कि उन्हें 2020 के इंटरव्यू में 215 अंक मिले. उनसे पहले 212 नंबर का रिकॉर्ड था. अपाला मिश्रा के मुताबिक अगर उन्हें सही समय पर अच्छा गाइडेंस मिल जाता तो वे पहले ही अपनी परीक्षा पास कर लेतीं.

ऐसे शुरू हुआ सफर
एक डॉक्यर की फील्ड से सिविल सेवा में जाने के फैसले को लेकर अपाला मिश्रा का कहना है कि उनके बैकग्राउंड से उन्हें प्रेरणा मिली थी. उन्होंने देश के हेल्थ सर्विस सिस्टम को ध्यान से देखा और महसूस किया कि इस पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है. इस विचार ने उन्हें समाज में ज्यादा प्रभाव डालने के लिए सिविल सेवा में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया.

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