इस गांव की हमेशा मदद करते थे Irrfan Khan, एक्टर को ग्रामीणों ने ऐसे दी श्रद्धांजलि

इरफान खान (Irrfan Khan) को श्रद्धांजलि देने के लिए नासिक के इगतपुरी में एक गांव के लोगों ने अपने गांव का नाम ही उन्हें समर्पित कर दिया है.

इस गांव की हमेशा मदद करते थे Irrfan Khan, एक्टर को ग्रामीणों ने ऐसे दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली: बॉलीवुड के दिग्ग्ज एक्टर इरफान खान (Irrfan Khan) बीते महीने 29 अप्रैल को इस दुनिया को अलविदा कह दिया. जिसके बाद से अब तक उनके फैंस लगातार उन्हें याद कर रहे हैं. लेकिन इरफान खान (Irrfan Khan) ने ये साबित कर दिया है कि वह सिर्फ फिल्मी पर्दे पर ही नहीं रियल लाइफ में भी हीरो ही थे. क्योंकि एक ऐसा गांव था जहां इरफान आए दिन मददगार बनकर खड़े होते थे. अब उस गांव के लोगों यानी उनके चाहने वाले कुछ लोगों ने उन्हें अनूठे तरीके से श्रद्धांजली दी है. 

बात ऐसी है कि इरफान खान (Irrfan Khan) को श्रद्धांजलि देने के लिए नासिक के इगतपुरी में एक गांव के लोगों ने अपने गांव का नाम ही अपने हीरो को समर्पित कर दिया है. ऐसा बताया जा रहा है कि इसी गांव में इरफान खान का फार्म हाउस है और वो हमेशा अपने बिजी शेड्यूल से टाइम निकालकर परिवार के साथ यहां आते रहते थे. हमारी सहयोगी वेबसाइट के अनुसार इससे पहले इस गांव का नाम 'पत्राच्‍या वाड़ा' था. लेकिन गांव वालों ने अब इरफान के निधन के बाद इसका नाम बदलकर 'हीरो ची वाड़ी' (Hero Chi Wadi) रख दिया है. आपको बता दें कि यह मराठी शब्द है जिसका मतलब 'एक्‍टर का पड़ोस' होता है.

पहले भी ऐसी खबरें सामने आती रहती थी कि इरफान खान यहां के स्कूली छात्रों के लिए जरूरी चीजें दान किया करते थे. गांव वालों ने उनके इन्हीं सब कामों को देख गांव का नाम बदलने का फैसला किया था. 

याद दिला दें कि इरफान खान (Irrfan Khan) को साल 2018 में को पता चला था कि वह न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से पीड़ित हैं. इरफान खान ने दो साल तक कैंसर से जंग लड़ने के बाद दुनिया को अलविदा कह दिया था. मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में वह भर्ती थे इसी दौरान उन्होंने आखिरी सांसें लीं. लॉकडाउन के कारण इरफान खान के अंतिम दर्शन में केवल 20 लोग ही शामिल हो पाए. इससे इतर एक्टर आखिरी बार फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' में नजर आए थे, जिसमें उनके साथ करीना कपूर, राधिका मदान और डिंपल कपाड़िया ने भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी.

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