रास्तों के साथ अब हॉस्पिटल में ऑक्सीजन और बेड की जानकारी भी देगा Google Maps, इस तरह करेगा काम

गूगल की तरफ Google Map में नये पायलट फीचर की टेस्टिंग की जा रही है जिसकी मदद से यूजर्स अस्पताल में बेड और मेडिकल ऑक्सीजन का पता लगा सकेंगे।

रास्तों के साथ अब हॉस्पिटल में ऑक्सीजन और बेड की जानकारी भी देगा Google Maps, इस तरह करेगा काम
साभार-सोशल मीडिया

Google Maps: आने वाले समय में आप गूगल Maps पर रास्तों की जानकारी के साथ साथ ऑक्सीजन-बेड आदि की भी जानकारियां पा सकेंगे. Google ऐसी ही एक सेवा पर काम कर रहा है. गूगल चुनिंदा जगहों पर बिस्तर और चिकित्सीय ऑक्सीजन की उपलब्धता से जुड़ी जानकारी देने के लिए एक नए फीचर की टेस्टिंग कर रहा है. फीचर के जरिए लोग इन चीजों से जुड़ी जानकारी मांग सकते हैं और दूसरे से भी शेयर कर सकते हैं. 

देश में लगातार बढ़ रही कोविड मरीजों की संख्या के बीच यह फीचर कोरोना के खिलाफ जंग में काफी काम का साबित हो सकता है. ये टेस्टिग टेक कंपनी के भारत में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के बीच राहत देने की कोशिश है.

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ऐसे काम करेगा फीचर
जब भी कोई यूजर किसी हॉस्पिटल या ऑक्सीजन सप्लाई वाली जगह पर होगा, तो Google Maps उस यूजर से बेड और मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता से जुड़े हुए सवाल पूछेगा. उस यूजर द्वारा दी गई जानकारी का इस्तेमाल दूसरे लोग भी कर पाएंगे, जो उसी Hospital या Oxygen सप्लायर के पास आना चाहते हैं. इस जानकारी का इस्तेमाल करने से पहले उसे वेरिफाई करना जरूरी होगा.

फीडबैक के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी जानकारी 
कंपनी का कहना है कि यह मैप में प्रश्न और आंसर फंक्शन में एक फीचर को इनेबल करने जा रही है जहां पर लोग बेड और मेडिकल ऑक्सीजन की लोकेशन में उपलब्धता के बारे में जानकारी ले सकेंगे. गूगल ने इस बारे में सावधान भी किया है कि यह यूजर जनरेटेड कंटेंट होगा. यूजर को इसकी प्रमाणिकता को वेरिफाई करना होगा. इस पर आंख मूंद भरोसा करने के पहले इसे सत्यापित जरूर कर लें. Google के मुताबिक यह जानकारी यूजर के फीडबैक के आधार पर होगी. ऐसे में किसी गलत जानकारी के लिए Google जिम्मेदार नहीं होगा.    

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कैसे करेंगे वेरिफाई, गूगल मैप के जरिए मिलेगी जानकारी
जानकारी को वेरिफाई करने के लिए भी यूजर्स Google Maps का ही इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि गूगल मैप में हॉस्पिटल और ऑक्सीजन सेंटर्स के फोन नंबर भी दिए रहते हैं.आपको जहां भी बेड या ऑक्सीजन की जानकारी दिखी हो, वहां जाने से पहले गूगल मैप पर मौजूद नंबर के जरिए फोन करके संबंधित सूचना पता कर सकते हैं. आपके आस-पास वैक्सीनेशन कहां हो रहा, इसकी जानकारी आपको गूगल मैप के जरिए मिल जाएगी. 

यह फीचर अंग्रेजी और 8 अन्य भारतीय भाषाओं में काम करता है
गूगल मैप्स देश भर में 23,000 COVID-19 टीकाकरण केंद्रों की लोकेशन शेयर करने में भी मदद कर रहा है. यह फीचर अंग्रेजी और आठ अन्य भारतीय भाषाओं में काम करता है. 

तीन फीचर पर हो रहा है काम- गूगल ने कहा कि उसकी टीमें प्राथमिकता के साथ तीन चीजों पर काम कर रही है. 
पहला- यह सुनिश्चित करना है कि लोग सबसे फ्रेश और सबसे वेरिफाइड सूचना पाएं. 
दूसरा- सुरक्षा और टीकाकरण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश को बढ़ावा देना.
तीसरा-प्रभावित समुदायों, स्वास्थ्य अधिकारियों एवं दूसरे संगठनों के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराना.

भारत में पिछले दो सप्ताहों से प्रतिदिन संक्रमण के तीन लाख से अधिक मामले सामने आ रहे हैं. इस महामारी से मुकाबले के लिए गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने पिछले महीने 1.8 करोड़ अमरीकी डालर दान देने की घोषणा की.

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