बेहद शर्मनाक! ये कैसी मिसाल पेश कर रहे लोग, जो Corona से बचाने में लगे उन्हीं के साथ ऐसी हरकत?

लॉकडाउन के दौरान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब लोगों की भीड़ को समझाने गयी पुलिस टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया.

बेहद शर्मनाक! ये कैसी मिसाल पेश कर रहे लोग, जो Corona से बचाने में लगे उन्हीं के साथ ऐसी हरकत?
फाइल फोटो

नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब लोगों की भीड़ को समझाने गयी पुलिस टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया. इस भीड़ ने एक सब इंस्पेक्टर व 2 कांस्टेबल को लाठी-डंडों से पीटने के बाद घायल पुलिस कर्मियों पर पथराव भी किया. ये भीड़ पूर्व प्रधान नारा सिंह के घर के बाहर इकट्ठा हुई थी. पुलिस ने घायल सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबलों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया. बाद में गंभीर हालत के चलते सब इंस्पेक्टर व एक सिपाही को मेरठ रेफर कर दिया गया. वहीं एसएसपी पहले हॉस्पिटल फिर बाद में घटनास्थल पर पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे. पुलिस ने कई हमलावरों को हिरासत में ले लिया है.

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वहीं, इंदौर के छतरीपुरा थाना अंतर्गत सिलावट पुरा में स्क्रीनिंग करने पहुंची डॉक्टरों की टीम के साथ मोहल्ले वासियों ने गाली-गलौज की और पथराव किया. साथ ही सफाई कर रहे नगर निगम कर्मचारियों को भी मार कर भगा दिया. एडिशनल एसपी के रूपेश व्यास का कहना है कि जो भी इसमें शामिल थे उन लोगों पर कार्रवाई की जाएगी. 

 

बिहार के मुंगेर में कासिम बाजार थाना क्षेत्र के हजरतगंज वाड़ा गली नंबर 15 में संदिग्ध परिजनों को कोरोटांइन में रखने के लिए लाने गये मेडिकल टीम पर असमाजिक तत्वों ने हमला बोल दिया. सूचना पर पहुंची कासिम बाजार थाना की गश्ती गाड़ी का शीशा भी तोड़ा. जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो लोग भाग खड़े हुए. समाज के बुद्धिजीवियों ने मृतक बच्ची के छह परिजनों को मेडिकल टीम के साथ भेज दिया. 

बिहार के मधुबनी के अंधराठाढ़ी में जमात के दौरान भीड़ रोकने गयी पुलिस पर जानलेवा हमला किया गया. मामले में चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया. बुद्धवार देर शाम प्रशासन को सूचना मिली कि गिदरगंज गांव स्थित मस्जिद में जमात को लेकर दर्जनों लोगों की भीड़ पहुंची है. लॉक डाउन उल्लंघन को लेकर समझाने पहुंची पुलिस-प्रशासन पर लोगों ने पथराव और फायरिंग कर दिया और पुलिस को खदेड़ दिया था.

कोलकाता में कोरोना के प्रकोप से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. जब उसके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए सरकार द्वारा निर्धारित जगह पर ले जाया गया तो वहां पूरे इलाके में लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा. पुलिस को रोकने के लिए हजारों की तादात में लोग उमड़ पड़े. लोगों का कहना है कि मरने वाला कोरोना से संक्रमित था और जलाने के बाद उसका असर लोगों के ऊपर पड़ेगा.

उत्तर प्रदेश के मेरठ में लगातार बढ़ते हुए कोरोना वायरस के आंकड़ों से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. स्वास्थ्य विभाग ने मेरठ में 600 टीमें बना दी हैं जो घर-घर जाकर संदिग्धों की जांच करेगी और उनका डाटा कलेक्ट करेगी. लेकिन मेरठ में लगातार इन टीमों पर हमलों की सूचना आ रही हैं. कल मेरठ के नौचंदी इलाके में कोरोना वायरस की जांच करने वाली टीम पर हमला हुआ था तो आज कंकरखेड़ा खेड़ा के दायमपुर गांव मे टीम पर हमला कर सदस्यों को घायल कर दिया गया.

बिहार के जहानाबाद जिले के ओकरी ओपी क्षेत्र के दयाली बिगहा गांव में ग्रामीणों ने पुलिस और अधिकारियों की टीम पर उस समय हमला बोल दिया जब अधिकारियों की टीम दलबल के साथ गांव में अन्य राज्यों से आए लोगों का पता करने और उन्हें क्वॉरेंटाइन में रहने की बात कहने के लिए गांव पहुंची थी. ग्रामीणों द्वारा किए गए पथराव और लाठी-डंडे चलाए जाने की वजह से बीडीओ और थानाध्यक्ष की गाड़ी के शीशे चकनाचूर हो गया. उसके अलावा थानाध्यक्ष एवं अन्य पुलिसकर्मी आंशिक तौर पर घायल हो गए.

कोरोना को लेकर जहां पूरे देश भर में लॉकडाउन कर दिया गया है वहीं अगर मोगी की बात की जाए तो गांव नूरपुर हकीमा में कुछ लोगों की तरफ से बाहर जाने की जिद को लेकर विरोध किया गया और विरोध के बाद जब पुलिस को बुलाया गया तो उन लोगों की तरफ से पुलिस पर हमला कर थाने के एसएचओ को घयाल कर दिया गया.