'आज के शिवाजी नरेंद्र मोदी' किताब पर शिवाजी के वंशज ने उठाए सवाल तो लेखक ने दिया ये जवाब

'आज के शिवाजी नरेंद्र मोदी' किताब पर खड़े हुए बवाल के बाद इस किताब के लेखक बीजेपी नेता जय भगवान गोयल ने कहा, 'मैं यह किताब वापस नहीं लूंगा, लेकिन इस किताब का पुनर्लेखन किया जाएगा. साथ ही इस किताब को शरद पवार और उद्धव ठाकरे को पढ़ने के लिए भेजा जाएगा.' 

'आज के शिवाजी नरेंद्र मोदी' किताब पर शिवाजी के वंशज ने उठाए सवाल तो लेखक ने दिया ये जवाब
Pic courtesy: Twitter/@rautsanjay61

नई दिल्ली: 'आज के शिवाजी नरेंद्र मोदी' किताब पर खड़े हुए बवाल के बाद इस किताब के लेखक बीजेपी नेता जय भगवान गोयल ने कहा, 'मैं यह किताब वापस नहीं लूंगा, लेकिन इस किताब का पुनर्लेखन किया जाएगा. साथ ही इस किताब को शरद पवार और उद्धव ठाकरे को पढ़ने के लिए भेजा जाएगा.' 

शिवसेना पर प्रहार करते हुए जय भगवान गोयल ने कहा, 'शिवसेना का नाम बदलकर ''सोनिया सेना'' रखना चाहिए. सत्ता के लिए शिवसेना ने शिवाजी महाराज के नाम का इस्तेमाल किया और अब कांग्रेस के साथ गए हैं. मैंने तो शिवाजी महाराज के गुण को लेकर लिखा है. शिवाजी महाराज के वंशज छत्रपति उदयन राजे भोसले ने शिवसेना का सच्चा चेहरा सामने लाया है. उदयन राजे ने शिवसेना को अपनी जगह दिखाई है.'

दरअसल शिवाजी महाराज के 13वें वंशज सतारा राजगद्दी के छत्रपती उदयन राजे भोसले का जय भगवान गोयल द्वारा लिखित ''आज के शिवाजी नरेंद्र मोदी' किताब को लेकर बयान सामने आया है. उदयन राजे भोसले ने कहा, 'शिवाजी महाराज की किसी से तुलना नहीं हो सकती है, शिवाजी महाराज युगपुरुष हैं. कोई भी दूर दूर तक उनके विचारों की बराबरी नहीं कर सकता है. सभी पार्टियों ने शिवाजी महाराज के नाम का इस्तेमाल राजनीति के लिए किया.'

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उन्होंने कहा, 'गोयल नाम के व्यक्ति ने शिवाजी महाराज के नाम से किताब लिखी है, मैं इस किताब की मेरी और महाराष्ट्र की तरफ से निंदा करता हूं, 'जानता राजा' एक ही छत्रपती शिवाजी थे. हर एक के मन में शिवाजी महाराज के प्रति आदर रहता है, उनके जैसे बनो, लेकिन बन नहीं सकते, कोशिश कर सकते हैं. कोई भी पार्टी हो, सभी पार्टियों ने शिवाजी महाराज के नाम का इस्तेमाल राजनीति के लिए किया. यह दुख की बात है, थोड़ी सी शर्म करो, जिनका नाम लेकर आप सत्ता में आए, उनके मुलभूत विचार को तो अमल करो.'

उदयन राजे ने शिवसेना पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'सीएम उद्धव ठाकरे, उनके दादाजी प्रबोधनकार ठाकरे के विचारों का अनुकरण करें. अपनी पार्टी के नाम से शिवसेना हटाएं और इसे ठाकरे सेना करें, फिर देखें इस महाराष्ट्र की भूमि के कितने लोग आपके साथ रहते हैं. जबकि शिवसेना नाम रखा तो शिवाजी महाराज के वंशज से पूछने आए थे. शिवसेना भवन में शिवाजी महाराज का पुतला कहां लगाया है वह देखें.' इसके अलावा उदयन ने एनसीपी पर भी निशाना साधा. (इनपुट- दिल्ली से रामराजे शिंदे और पुणे से अरुण म्हेत्रे की रिपोर्ट)