Corona: पाबंदी नहीं होने पर 1 पीड़ित 1 महीने में 406 लोगों को कर सकता है संक्रमित
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Corona: पाबंदी नहीं होने पर 1 पीड़ित 1 महीने में 406 लोगों को कर सकता है संक्रमित

Corona Crisis India: सरकार ने कहा कि उनका फोकस उन 46 जिलों में है, जहां इस महीने संक्रमण के कुल मामलों के 71% और इससे होने वाली मौत के मामले के 69% मामले सामने आए. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा महाराष्ट्र के कुल 36 जिलों में से 25 सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.

Corona: पाबंदी नहीं होने पर 1 पीड़ित 1 महीने में 406 लोगों को कर सकता है संक्रमित

 नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने शनिवार को उन 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एडवाइजरी जारी की है. इसके तहत इन राज्यों में कोरोना जांच की संख्या तेजी से बढ़ाने और कोविड गाइडलाइंस का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के लिये कड़ाई बरतने को कहा गया है. ये एडवाइजरी उन राज्यों के लिए जारी की गई है जहां कोरोना वायरस (Coronavirus)  संक्रमण के मामलों में इजाफा देखने को मिला है.

साप्ताहिक आंकड़ों में टूटा रिकॉर्ड

मंत्रालय ने कहा कि एक संक्रमित व्यक्ति बिना पाबंदी के 30 दिन में औसतन 406 लोगों को संक्रमित कर सकता है. सरकार ने कहा कि मई 2020 के बाद से कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण और उससे होने वाली मृत्यु के साप्ताहिक मामलों में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई है. 

12 राज्यों के 46 जिलों पर फोकस

सरकार ने कहा कि ज्यादा ध्यान उन 46 जिलों में है, जहां से इस महीने संक्रमण के कुल मामलों का 71% और इनसे होने वाली मौत के मामले में 69 % मामले सामने आए. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, 'महाराष्ट्र के कुल 36 जिलों में से 25 सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और यहां से देश में बीते एक हफ्ते में सामने आए कुल मामलों में से 59.8 % मिले हैं.' केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की अध्यक्षता में 12 राज्यों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) और कोरोना प्रभावित सर्वाधिक मामलों और मृत्यु से जुड़े 46 जिलों के निगम आयुक्तों व जिलाधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई.

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ये 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, कर्नाटक, पंजाब और बिहार हैं.

लापरवाही से बढ़ा सेकेंड वेव का खतरा

बैठक में इन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभावित जिलों का विश्लेषण और कुछ अहम सांख्यिकीय आंकड़े पेश किये गए. इनके मुताबिक कोविड-19 से होने वाली मौत के मामलों में लगभग 90% मामले 45 साल ये ज्यादा आयुवर्ग वालों के हैं. अध्ययन के नतीजों में रेखांकित किया गया कि 90% लोगों को जहां इस बीमारी के बारे में जानकारी है, वहीं मास्क वास्तव में सिर्फ 44% लोग ही लगाते हैं. मंत्रालय ने कहा, 'एक संक्रमित शख्स रोकटोक नहीं होने पर 30 दिन में 406 लोगों को संक्रमित कर सकता है.'

यह भी देखा गया कि ‘दूसरी लहर’ की परिकल्पना दरअसल कोविड-19 अनुकूल आचरण और जमीनी स्तर पर विषाणु की रोकथाम व प्रबंधन रणनीति को लेकर लोगों की लापरवाही से ज्यादा दिख रही है. केंद्र ने राज्यों से कहा, 'प्रभावी निषेध और संपर्क में आए लोगों की तलाश समेत 46 दिनों में कम से कम 14 दिनों तक सख्त कार्रवाई की सिफारिश की जाती है, जिससे संक्रमण की चैन टूटे.'

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5 स्तरीय रणनीति पर काम

केंद्र ने कोविड-19 की प्रभावी रोकथाम व प्रबंधन के संदर्भ में राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लिये पांच स्तरीय रणनीति बनाई है. राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से कोविड-19 जांच की संख्या में व्यापक इजाफा करने को कहा गया है. इनमें से 70 % जांच आरटीपीसीआर (RT-PCR) से करने की कोशिश की जाए. राज्यों से प्रभावी आइसोलेशन और संपर्क में आए लोगों की पहचान के लिये प्रभावी कदम उठाने को कहा गया है. मंत्रालय ने कहा कि शुरुआती 72 घंटों के अंदर पीड़ित के संपर्क में आए औसतन 30 करीबी लोगों की पहचान के बाद उन्हें आइसोलेशन में भेजा जाए.

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