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'सरकारी जमीन पर तेजी से बढ़ रही मस्जिदों को नजरअंदाज कर रही हैं AAP और कांग्रेस'

वर्मा ने कहा कि इस तरह की मस्जिदों से न केवल यातायात ‘‘प्रभावित’’ होता है बल्कि आम लोगों को ‘‘असुविधा’’ भी होती है. 

'सरकारी जमीन पर तेजी से बढ़ रही मस्जिदों को नजरअंदाज कर रही हैं AAP और कांग्रेस'
फाइल फोटो

नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी में सड़कों और सरकारी जमीन पर मस्जिदों के ‘‘तेजी से बढ़ने का’’ दावा करने के एक दिन बाद पश्चिमी दिल्ली से बीजेपी सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने बुधवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) पर वोट बैंक की राजनीति के लिए इस मुद्दे को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया.

सांसद ने कहा कि उनके पास अतिक्रमण के सबूत हैं. उन्होंने दावा किया कि शहर में सरकारी जमीन या सड़क किनारे करीब सौ मस्जिदें हैं. इस बीच कांग्रेस और आप के नेताओं ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए उस पर दिल्ली विधानसभा चुनावों में राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे का ‘‘सांप्रदायीकरण’’ करने का आरोप लगाया. 

वर्मा ने उपराज्यपाल को लिखा पत्र
वर्मा ने दावा किया है कि उनके संसदीय क्षेत्र सहित शहर के कई भागों में सरकारी जमीन और सड़कों पर मस्जिदें ‘‘तेजी से बढ़’’ रही हैं. उन्होंने कहा कि इससे यातायात ‘‘प्रभावित’’ हो रहा है और जनता को ‘‘असुविधा’’ हो रही है. सांसद ने 18 जून को उपराज्यपाल अनिल बैजल को पत्र लिखकर ‘‘तत्काल कार्रवाई’’ का अनुरोध किया. उन्होंने उपराज्यपाल को लिखे पत्र में कहा, ‘‘’मैं पूरी दिल्ली लेकिन खासकर मेरे संसदीय क्षेत्र (पश्चिम दिल्ली) के कुछ खास भागों में सरकारी जमीन, सड़कों तथा एकांत स्थानों पर मस्जिदों के तेजी से बढने के एक खास तरीके के रुख से अवगत कराना चाहता हूं.’’ 

वर्मा ने कहा कि इस तरह की मस्जिदों से न केवल यातायात ‘‘प्रभावित’’ होता है बल्कि आम लोगों को ‘‘असुविधा’’ भी होती है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले को ‘‘गंभीरता’’ से लिया जायेगा और उपराज्यपाल के कार्यालय द्वारा ‘‘तत्काल कार्रवाई’’ सुनिश्चित की जायेगी.