दिल्ली सरकार ने दिमागी बुखार से निपटने में बिहार को मदद की पेशकश की

दिल्ली सरकार ने दिमागी बुखार से निपटने में बिहार को मदद की पेशकश की

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कि ‘आप’ सरकार डॉक्टरों की टीम, पैरा मेडिकल स्टाफ, दवाएं और एंबुलेंस बिहार भेजने को तैयार हैं.

दिल्ली सरकार ने दिमागी बुखार से निपटने में बिहार को मदद की पेशकश की

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने बिहार को ‘एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम’ (एईएस) से निपटने के लिए बुधवार को हर संभव मदद की पेशकश की. बिहार में इस बीमारी से बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है.

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कि ‘आप’ सरकार डॉक्टरों की टीम, पैरा मेडिकल स्टाफ, दवाएं और एंबुलेंस बिहार भेजने को तैयार हैं. उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी मौजूद थे.

गौरतलब है कि बिहार में दिमागी बुखार से अब तक कम से कम 113 बच्चों की मौत हो चुकी है. इस हफ्ते के शुरू में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल का दौरा किया था जहां उन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा था.

सिसोदिया ने कहा, ‘ मैं संकट की इस घड़ी में बिहार सरकार को हर संभव मदद की पेशकश करता हूं. हम राज्य सरकार को मदद मुहैया कराने के लिए तैयार हैं जिसमें हमारे डॉक्टरों की टीम, पैरा मेडिकल स्टाफ, दवाइयां और एंबुलेंस भेजना शामिल है.’

केंद्र सरकार पर हमला करते हुए जैन ने जानना चाह कि बिहार में बच्चों को आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत इलाज क्यों नहीं मिल रहा है.

जैन के विचारों से सहमति जताते हुए सिसोदिया ने कहा कि भाजपा नीत सरकार को आयुष्मान भारत योजना शुरू करने की बजाय अस्पताल, मोहल्ला क्लीनिक और पॉलीक्लीनिक बनाने चाहिए थे. 

उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना का मकसद सिर्फ बीमा कंपनियों को लाभ पहुंचाना है.

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