दिल्ली: जल बोर्ड करा रहा था खुदाई, मिट्टी धंसने से एक मजदूर की मौत, एक की हालत गंभीर
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दिल्ली: जल बोर्ड करा रहा था खुदाई, मिट्टी धंसने से एक मजदूर की मौत, एक की हालत गंभीर

मृतक की पहचान रवि कुमार और घायल की पहचान शिवदत्त के रूप में हुई है. दोनों यूपी के रहने वाले हैं.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों पहले भी नजफगढ़ इलाके में इसी तरह का काम कर चुके थे.

नई दिल्ली: दिल्ली के रोहिणी जिले के बुध विहार इलाके में जल बोर्ड द्वारा सड़क की खुदाई के वक्त दो मजदूर मिट्टी में दब गए. दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां डॉक्टरों ने एक मजदूर को मृत घोषित कर दिया. वहीं, उसके साथी की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है. शनिवार को पोस्टमार्टम होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा. पुलिस ने जल बोर्ड के ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. दोनों के परिवार वालों को हादसे की सूचना दे दी गई है.

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान रवि कुमार और घायल की पहचान शिवदत्त के रूप में हुई है. दोनों यूपी के रहने वाले हैं. पुलिस पीसीआर को शुक्रवार शाम को बुध विहार जलबोर्ड ऑफिस के पास होने वाली खुदाई में दो मजदूरों के दबे होने की सूचना मिली. पुलिस मौके पर पहुंची. दमकल की सहायता से दोनों मजदूरों को करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद मिट्टी से बाहर निकाला गया. दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां डॉक्टरों ने रवि को मृत घोषित कर शिवदत्त की हालत गंभीर बताई.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों पहले भी नजफगढ़ इलाके में इसी तरह का काम कर चुके थे. जल बोर्ड ऑफिस के पास सीवर डालने का काम काफी समय से चल रहा है. खुदाई जेसीबी मशीन से की जा रही है. शुक्रवार को भी जब काम चल रहा था तो, दोनों मजदूर मिट्टी के डाले पर खड़े हुए थे. अचानक मिट्टी खिसक गई, जिसकी चपेट में दोनों आ गए. मिट्टी काफी ज्यादा गीली होने पर उनके साथियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी. खुदाई काफी गहरी होने के कारण दोनों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. 

बिना सुरक्षा कवच पहने ही कर रहे थे काम
सीवर की खुदाई के लिए मजदूर बिना कोई कवच पहने ही काम कर रहे थे. इसमें पूरी तरह से लापरवाही ठेकेदार और उस कंपनी की थी, जो खुदाई का काम करवा रहा था. मजदूरों ने बताया कि कमाने के लिए वह अपनी जान जोखिम में डालते हैं. उनको सुरक्षा कवच नहीं दिये जाते हैं. अगर वो इस बारे में ठेकेदार से कहते भी हैं तो उनको काम से हटाने की धमकी दी जाती है.

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