बेरहमी से की गई अंकित शर्मा की हत्या, चाकुओं के अनगिनत निशान, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी हैरान

अंकित का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक किसी के शरीर में इतने ज़ख्म उन्होंने कभी नहीं देखे.

बेरहमी से की गई अंकित शर्मा की हत्या, चाकुओं के अनगिनत निशान, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी हैरान

नई दिल्ली: उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में मारे इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा (Ankit Sharma) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक अंकित के शरीर पर चाकुओं के अनगिनत निशान थे. डॉक्टरों के मुताबिक अंकित के शरीर के हर हिस्से पर चाकू मारे गए थे. यहां तक की उसकी आंतों तक को निकाल लिया गया था. अंकित का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक किसी के शरीर में इतने ज़ख्म उन्होंने कभी नहीं देखे. अंकित की हत्या बहुत ही बेरहमी से की गई थी.

बताया जा रहा है कि अंकित शर्मा घटना वाले दिन घर से बाहर निकले तो उपद्रवियों को शांत कराने के लिए थे. देखते-देखते वे खुद ही भीड़ के बीच 'पीड़ित' के बतौर बुरी तरह फंस गए. उन्होंने भीड़ को चीख-चीख कर बताया कि, वो हिंसक भीड़ में शामिल लोगों के पड़ोसी और काफी पहले से परिचित हैं. इसके बाद भी मौत का नंगा नाच करने पर उतारू भीड़ ने बेबस-बेकसूर अंकित पर रहम नहीं खाया.

अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार शर्मा से जब बात की गई, तो और भी कई खुलासे हुए. अंकित के पिता खुद भी इंटेलीजेंस ब्यूरो में हवलदार हैं. उन्होंने बताया कि अंकित ने 2017 में आईबी में ज्वाइन किया था. वे अंकित की शादी के लिए लड़की की तलाश कर रहे थे.

उनका परिवार उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का मूल निवासी है. अंकित की मां घरेलू महिला हैं. अंकित का परिवार खजूरी खास इलाके में रहता है. अंकित ने बारहवीं तक की पढ़ाई खजूरी खास से ही की थी. उसके बाद उसने हंसराज कॉलेज से स्नातक किया.

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अंकित के घर के पास रहने वाले उनके पड़ोसियों के मुताबिक, "घटना वाली शाम अंकित घर के बाहर की भीड़ को समझा कर शांत करवाने गए थे. उसी वक्त भीड़ ने उन्हें अपने बीच घसीट लिया. उसके बाद से अंकित का कोई पता नहीं चला था. बुधवार (26 फरवरी) को सुबह के वक्त अंकित का शव चांद बाग पुलिया के पास नाले में पड़ा मिला."

पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंकित का अंतिम संस्कार
आईबी कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा का उनके पैतृक गांव इटावा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ. दिल्ली से उनका पार्थिव शरीर गुरुवार शाम को घर पहुंचा. जहां लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए. इसके बाद पार्थिव शरीर को सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से विदा किया. उनकी अर्थी को कंधा देने के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा. केंद्रीय मंत्री, डीएम, एसएसपी समेत तमाम आला अधिकारियों ने उन्हें सलामी दी. भाई अंकुर शर्मा ने अंकित शर्मा के पार्थिव देह को मुखाग्नि दी. 

अर्थी ले जाते हुए लोगों ने CAA और NRC के पक्ष में नारेबाजी की. साथ ही अंतिम यात्रा में लोग CAA व NRC के पक्ष में नारेबाजी कर रहे थे. इतना ही नहीं नम आंखों के साथ ग्रामीण भारत माता की जय के नारे भी लगा रहे थे. केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान व भारी पुलिस बल अंतिम यात्रा में शामिल हुआ.

शहीद अंकित शर्मा मुजफ्फरनगर के बुढाना थाना क्षेत्र के इटावा गांव के रहने वाले थे. एडीएम अमित कुमार ने जानकारी दी कि अंकित शर्मा दिल्ली आईबी में कार्यरत थे. अंकित मंगलवार शाम से लापता थे, उसके पिता रविंदर शर्मा भी आईबी में कार्यरत हैं.

अंकित शर्मा के परिवार में मातम का माहौल है. बेटे के जाने की खबर सुनकर अंकित की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. बेटे की मौत से बेहद दुखी मां ने कहा कि उन्होंने अंकित को घर में ही रुकने के लिए कहा था. मां ने चाय पीने के लिए अंकित को रोकना चाहा लेकिन वह दूसरों को बचाने बाहर चला गए. मां के मुताबिक, उपद्रवियों ने उनके बेटे को घसीटा और मार डाला.

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