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उन्‍नाव रेप केस: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में सुनवाई कल, कुलदीप सिंह सेंगर की पेशी संभव

बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के प्रयास के मामले में रायबरेली जेल में बंद पीड़ित लड़की के चाचा को तिहाड़ जेल ट्रांसफर शिफ्ट करने का आदेश दिया था.

उन्‍नाव रेप केस: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में सुनवाई कल, कुलदीप सिंह सेंगर की पेशी संभव
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: उन्नाव रेप मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर और दूसरे आरोपित शशि सिंह के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किया थी. कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 5 अगस्त को 12:30 बजे कोर्ट के सामने पेश होने के लिए कहा था. आपको बता दें कि रेप के आरोप के बाद पीड़िता के सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद दबंग विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ शिकंजा कसा है. बीजेपी से बाहर होने के बाद अब जिला प्रशासन भी सेंगर पर कड़ी कार्रवाई कर रहा है.

बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के प्रयास के मामले में रायबरेली जेल में बंद पीड़ित लड़की के चाचा को तिहाड़ जेल ट्रांसफर शिफ्ट करने का आदेश दिया था.कोर्ट को बताया गया था कि लड़की की मां उन्हें इलाज के दिल्ली शिफ्ट नहीं करना चाहती.अभी उनका इलाज किंग जार्ज मेडिशन कॉलेज, लखनऊ में चल रहा है.

केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया था कि CRPF ने पीड़ित लड़की और परिवार की सुरक्षा का जिम्मा ले लिया है. यूपी सरकार ने बताया था कि पीड़ित को 25 लाख का अंतरिम मुआवजा दिया जा चुका है. कोर्ट की मीडिया को हिदायत दी थी कि उन्नाव कांड को रिपोर्ट करते वक्त किसी भी तरह पीड़ित की पहचान का खुलासा ना हो.

दरअसल, पीड़िता को एम्स में भर्ती करने के मसले पर कोर्ट ने परिवार से राय मांगी थी.गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी 5 मामलों को यूपी से दिल्‍ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया था.ये पांच मामले जिनमें पहला मामला- पीड़िता से रेप, दूसरा मामला- पीड़िता से गैंगरेप, तीसरा मामला- पीड़िता के पिता की झूठे केस में गिरफ्तारी और पिटाई.

चौथा मामला- पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत और पांचवां मामला-रोड एक्सिडेंट का है.ये 5 केस तीस हजारी कोर्ट में ट्रांसफर किए गए हैं. ये 5 केस जिला जज धर्मेश शर्मा की कोर्ट में ट्रांसफर हुए हैं. तीस हजारी कोर्ट को 45 दिन में ट्रायल पूरा करना है. इस मामले में दिन प्रतिदिन दिन (डे टू डे हेयरिंग) सुनवाई होनी है.

इसके अलावा पीड़िता को एम्स में भर्ती करने को लेकर परिवार की राय मांगी गई है.कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि वो पीड़ित परिवार को ₹25 लाख का मुआवजा दे. कोर्ट ने पीड़ित परिवार को CRPF सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया था.साथ ही कोर्ट ने कहा था कि अगर रेप पीड़िता चाहे तो हम उसे इलाज के लिए लखनऊ से दिल्‍ली एयरलिफ्ट करने का आदेश दे सकते हैं.