पाक की कमर तोड़ने के लिए भारत ने कसा शिकंजा, आयत‍ित सामान पर कस्‍टम ड्यूटी 200% बढ़ाई

हमले के एक दिन बाद ही भारत ने पाक‍िस्‍तान से मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लिया. इसके बाद अब पाक‍िस्‍तान और शिकंजा कसते हुए भारत ने वहां से आयात होने वाले सभी सामान पर सीमा शुल्‍क बढ़ाकर 200 फीसदी बढ़ा दिया है.

पाक की कमर तोड़ने के लिए भारत ने कसा शिकंजा, आयत‍ित सामान पर कस्‍टम ड्यूटी 200% बढ़ाई
फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्‍तान पर दबाव बढ़ाने के लिए चौतरफा प्रयास शुरू कर दिए हैं. हमले के एक दिन बाद ही भारत ने पाक‍िस्‍तान से मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लिया. इसके बाद अब पाक‍िस्‍तान और शिकंजा कसते हुए भारत ने वहां से आयात होने वाले सभी सामान पर सीमा शुल्‍क बढ़ाकर 200 फीसदी बढ़ा दिया है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, शनिवार को एक अहम निर्णय लेते हुए सरकार ने पाकिस्तान से आयातित सभी तरह के सामानों पर सीमा शुल्क को बढ़ाकर तत्काल प्रभाव से 200 प्रतिशत किया गया. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट कर कहा, ‘‘पुलवामा की घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान से व्यापार के लिहाज से सबसे तरजीही देश का दर्जा वापस ले लिया है. इसके बाद पाकिस्तान से भारत में आयात किए जाने वाले सभी तरह के सामान पर सीमाशुल्क तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर 200 प्रतिशत कर दिया गया है.’

पुलवामा में आतंकी हमले के बाद सरकार ने शुक्रवार को पाकिस्तान से व्यापार के लिहाज से सबसे तरजीही देश का दर्जा वापस ले लिया था. सीमा शुल्क में बढ़ोत्तरी से पाकिस्तान से भारत को किया जाने वाले निर्यात पर काफी बुरा असर पड़ेगा. वर्ष 2017-18 में पाकिस्तान से भारत को 3,482.3 करोड़ रुपये यानी 48.85 करोड़ डॉलर का निर्यात किया गया था. पाकिस्तान प्रमुख तौर पर भारत को ताजे फल, सीमेंट, बड़े पैमाने पर खनिज एवं अयस्क और तैयार चमड़ा निर्यात करता है.

भारत के इस कदम से कंगाली से गुजर रहे और कर्जे में डूबे पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था को बड़ा झटका लग सकता है. यहां यह बताना बेहद जरूरी है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 2012 के आंकड़े के मुताबिक़, करीब 2.60 बिलियन डॉलर का व्यापार होता है. ऐसे में पाक को भारत के साथ कारोबारी लिहाज से बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा.

क्‍या है मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा
मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का मतलब है सबसे ज्‍यादा तरजीही वाला देश. MSN का दर्जा मिलने के बाद दर्जा प्राप्‍त देश को इस बात का आश्‍वासन रहता है कि उसे कारोबार में कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. विश्‍व व्‍यापार संगठन (डब्‍ल्‍यूटीओ) और अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार नियमों के आधार पर बिजनेस में सबसे अधिक तरजीह वाले देश (एमएफएन) का दर्जा दिया जाता है. डब्ल्यूटीओ बनने के साल भर बाद भारत ने पाकिस्तान को 1996 में एमएफएन का दर्जा दिया था, लेकिन पाकिस्तान की तरफ से भारत को ऐसा कोई दर्जा नहीं दिया गया था.

भारत-पाक के बीच इन चीजों का है बड़ा कारोबार
भारत और पाकिस्‍तान के बीच सीमेंट, चीनी, रुई, सब्जियों, ऑर्गेनिक केमिकल, चुनिंद फल, ड्राई फ्रूट्स, मिनरल ऑयल, स्टील जैसी कमोडिटीज़ और वस्तुओं का कारोबार दोनों देशों के बीच होता है.