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चुनाव नतीजों के आते ही मध्य प्रदेश में फिर शुरू हो गया तबादला उद्योग: गोपाल भार्गव

गोपाल भार्गव ने मंगलवार को ट्वीट करते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि, "26 मई को चुनाव आयोग ने जैसे ही आचार संहिता हटाई 27 मई को प्रदेश सरकार तबादला उद्योग शुरू कर देती है. मध्यप्रदेश में तबादला उद्योग फिर से चालू हो गया." 

चुनाव नतीजों के आते ही मध्य प्रदेश में फिर शुरू हो गया तबादला उद्योग: गोपाल भार्गव
गोपाल भार्गवः फाइल फोटो

भोपालः मध्य प्रदेश में चुनाव आचार संहिता के खत्म होते ही प्रशासनिक अधिकारियों के हुए तबादलों को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्य सरकार पर तंज कसा है. प्रदेश में अचानक से थोक में शुरू हुए आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) के अधिकारियों तबादलों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि राज्य में तबादला उद्योग फिर शुरू हो गया है.

गोपाल भार्गव ने मंगलवार को ट्वीट करते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि, "26 मई को चुनाव आयोग ने जैसे ही आचार संहिता हटाई 27 मई को प्रदेश सरकार तबादला उद्योग शुरू कर देती है. मध्यप्रदेश में तबादला उद्योग फिर से चालू हो गया." ज्ञात हो कि, राज्य में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के खत्म होने के बाद सोमवार की रात को बड़े पैमाने पर प्रमुख सचिव, सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ जिलाधिकारियों के तबादले किए गए हैं.

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बता दें भाजपा चुनाव से पहले भी राज्य सरकार पर कई बार तबादला उद्योग चलाने के आरोप लगाती रही है. ऐसे में चुनावी आचार संहिता खत्म होने के बाद तबादलों का दौर शुरू हुआ तो भाजपा ने फिर प्रदेश सरकार पर हमला तेज कर दिया है. बता दें मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार ने लोकसभा चुनाव के रिजल्ट आने के तुरंत बाद ही थोक में आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) के अफसरों का तबादला शुरू कर दिया है. जिसमें 6 प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों, 6 जिला कलेक्टर और 3 संभागों के कमिश्नरों की जिम्मेदारियों में बदलाव करते हुए उन्हें किसी और क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंप दी गई है. (इनपुटः भाषा)