चौकीदार बाप की मदद से ठेकेदार बेटे का भ्रष्टाचार, कर डाला करोड़ों का खाद घोटाला

मंदसौर के ठेकेदार कमल तिवारी ने शपथ पत्र देकर यह बात स्वीकार की है कि उसके पिता और उसने मिलकर खाद की हेराफेरी की है. बताया गया है कि घोटाला 3.34 करोड़ रुपये का है. 

चौकीदार बाप की मदद से ठेकेदार बेटे का भ्रष्टाचार, कर डाला करोड़ों का खाद घोटाला
मंदसौर में 3.34 करोड़ रुपये का खाद घोटाला पकड़ा गया है

मनीष पुरोहित/मंदसौर: अन्नदाता खाद के लिए मारा मारा फिरता है. यहां तक कि एक-एक बोरी खाद के लिए भी जद्दोजहद करना पड़ता हैं. वहीं मध्य प्रदेश के मंदसौर से बड़ा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां किसानों के हक के हजारों क्विंटल खाद पर चौकीदार पिता और ठेकेदार बेटे ने डाका डाल दिया.

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बाप-बेटे ने मिलकर 1419 मीट्रिक टन खाद का घोटाला किया है. 3.34 करोड़ रुपये कीमत के इस खाद घोटाले का खुलासा तब हुआ जब कंपनी द्वारा भुगतान के लिए जिला सहकारी बैंक में बिल भेजे गए. जिला सहकारी बैंक के एमडी पीएन यादव ने फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए सोसाइटी से रिकॉर्ड मांगा. क्रॉस चेक करने पर पता चला कि खाद, गोदाम से तो निकला लेकिन सोसाइटी तक नहीं पहुंच पाया.

ठेकेदार ने स्वीकारी बात
मामले की जानकारी मिलने के बाद पिपलिया मंडी वेयरहाउस के कर्मचारी ठाकुर प्रसाद तिवारी को निलंबित कर दिया गया है. मामले में आगे और भी जांच की जा रही है. प्राथमिक तौर पर यह बात सामने आई है कि ट्रांसपोर्टर बेटे ने चौकीदार पिता की मिलीभगत से इस घोटाले को अंजाम दिया है. बता दें कि ट्रांसपोर्टर का पिता वेयर हाउस में भृत्य (चौकीदार) के पद पर पोस्टेड है जिसे घटनाक्रम सामने आने के बाद निलंबित कर दिया गया है.

ठेकेदार कमल तिवारी ने शपथ पत्र देकर यह बात स्वीकार की है कि उसके पिता और उसने मिलकर खाद की हेराफेरी की है. 

मंदसौर पहुंची जांच टीम    
जानकारी में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी कमल तिवारी ने कुछ अधिकारियों को बड़ी रकम का भुगतान किया है. यह रकम क्यों दी गई थी इसकी जांच कमेटी द्वारा फिलहाल की जा रही है. इस मामले की जांच के लिए उज्जैन और भोपाल से टीम मंदसौर पहुंची है जो कि लगातार जांच कर रही है.

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घोटाले का अधिकतर खाद मई माह में उठाया गया था. जिसमें एडवांस लिफ्टिंग प्रणाली का उपयोग करते हुए एडवांस में आरओ (RO) और चेक देकर एनपीके (NPK) और डीएपी (DAP) खाद उठाया गया. लेकिन यह खाद सोसाइटी में नहीं पहुंचा.

बैंक के MD ने बताई ने खाद चोरी की बात    
जिला सहकारी बैंक के एमडी पीएन यादव ने बताया हैं कि कंपनी द्वारा भुगतान के लिए बिल भेजा गया था. जिसके बाद खाद के पहुंचने का फिजिकल वेरिफिकेशन करवाया गया. जांच में जानकारी सामने आई कि कंपनी जिस खाद का भुगतान मांग रही है वह खाद सोसाइटी में तो पहुंचा ही नहीं है. जानकारी मिलने के बाद कंपनी का भुगतान रोका गया. मई में कुल 1,419 टन खाद उठाया गया था, जिसका मूल्य 3 करोड़ 34 लाख 81 हजार रुपये हैं.

मीडिया से बचते रहे बाप-बेटे
ज़ी मीडिया की टीम पिपलिया मंडी पहुंची यहां पर आरोपी पिता-पुत्र से बात करने का प्रयास किया गया. उनके चकाचक ऑफिस से लेकर आलीशान बंगले तक जी मीडिया की टीम पहुंची लेकिन बार-बार प्रयास करने के बावजूद पिता-पुत्र से संपर्क नहीं हो पाया. उन्होंने न फोन उठाया न ही वे खुद सामने आए.

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खड़ा किया करोड़ों का बंगला
चौकीदार के करोड़ों के बंगले को देखकर आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह का गोरखधंधा पिपलिया मंडी में पिछले कुछ समय से चल रहा था. चौकीदार पिता के ठेकेदार बेटे के रसूख का अंदाजा भी इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके तीन करोड़ 28 लाख रुपए मंदसौर जिले के ट्रांसपोर्टेशन विभाग पर बकाया है.

वहीं नीमच जिले में भी तकरीबन एक करोड़ रुपए की देनदारी बताई जा रही है. रतलाम, आगर-मालवा, इंदौर और उज्जैन जिले में भी एक ट्रांसपोर्टर द्वारा माल परिवहन किए जाने की बात सामने आई है.

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विधायक ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
इस मामले में मंदसौर से विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने तल्ख टिप्पणी करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच किए जाने की मांग की है. उन्होंने आशंका जताई है कि जब पिछले कुछ माह में ही इतना बड़ा घोटाला कर दिया गया तो अन्य जिलों की क्या स्थिति होगी. अन्य जिलों में भी जांच की जानी चाहिए. 

साथ ही उन्होंने पिछले वर्षों की भी जांच किए जाने की मांग की है, उनका यह भी आरोप है कि इतना बड़ा घोटाला बिना शासकीय अधिकारियों की मिलीभगत के नहीं हो सकता. इसलिए अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करना चाहिए.

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