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उज्जैन के डाक्टरों का अनोखा विरोध प्रदर्शन, सिर पर हेलमेट और हाथों में डंडा लेकर किया मरीजों का इलाज

उज्जैन जिला चिकित्सालय के प्रमुख डॉक्टर की मांग है कि डॉक्टरों को प्रोटेक्शन दिया जाए और बंगाल जैसी घटना की पुनरावृति ना हो.

उज्जैन के डाक्टरों का अनोखा विरोध प्रदर्शन, सिर पर हेलमेट और हाथों में डंडा लेकर किया मरीजों का इलाज
डॉक्टरों पर हमले के विरोध में 17 जून को देशभर में गैर जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं को रद्द किया गया है

उज्जैनः बंगाल में डाक्टरों की हड़ताल की गूंज अब देश भर तक पंहुच गई है. जिसके चलते हर तरफ डॉक्टर्स और मेडिकल के छात्र पश्चिम बंगाल में डॉक्टर्स के साथ हुए दुर्व्यवहार के खिलाफ खड़े नजर आ रहे हैं. राजधानी दिल्ली से लेकर, केरल, लखनऊ, और मध्य प्रदेस में भी इसका पूरा असर देखने को मिल रहा है. बता दें आज देश भर में IMA के सभी डाक्टरों ने एक दिन की हड़ताल और विरोध कर सरकार तक अपनी बात पंहुचाई है. इसी को लेकर उज्जैन में भी जिला चिकत्सालय में डाक्टरों ने अनोखा प्रदर्शन किया, जहां इन डॉक्टर्स ने सिर पर हेलमेट और हाथों में डंडा लेकर मरीजों का इलाज किया. उज्जैन जिला चिकित्सालय के प्रमुख डॉक्टर की मांग है कि डॉक्टरों को प्रोटेक्शन दिया जाए और बंगाल जैसी घटना की पुनरावृति ना हो.

डाक्टरों की मानें तो वे ओपीडी इमरजेंसी सहित सभी सेवा अपने मरीजों को दे रहे हैं, क्योंकि उज्जैन में निजी अस्पताल के डॉक्टर ने अपनी ओपीडी बंद रखी है. इसी को लेकर उज्जैन जिला चिकित्सालय के डाक्टरों ने मानवता दिखाते हुए अपना फैसला वापस लिया और सभी सेवा जारी रखी, लेकिन विरोध जरूर अनोखा प्रदर्शित किया. हालांकि देश भर में डॉक्टर्स की हड़ताल से हालात काफी खराब हैं, जिसके चलते मरीजों को काफी परेशान होना पड़ रहा है. उत्तर प्रदेश में भी डॉक्टर्स की हड़ताल से मरीज काफी पेरशान दिखाई दिए, जहां केजीएमयू, एसजीपीजीआई, लोहिया संस्थान और सभी निजी अस्पतालों में हड़ताल जारी है.

पश्चिम बंगाल के प्रदर्शनरत डॉक्टरों के समर्थन में 17 जून को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेगा IMA 

बता दें पश्चिम बंगाल में डॉक्टर्स के साथ हुई मारपीट के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने रविवार को ही कहा था कि पश्चिम बंगाल में हाल में डॉक्टरों पर हमले के विरोध में 17 जून को देशभर में गैर जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं को रद्द करने के साथ वह अपनी हड़ताल की दिशा में आगे बढ़ेगा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने एक दिन पहले राज्यों से डॉक्टरों एवं मेडिकल पेशेवरों की किसी भी प्रकार की हिंसा से सुरक्षा के लिये विशेष कानून लागू करने पर विचार करने को कहा था, जिसके बाद आईएमए की यह घोषणा सामने आई है.