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NIA देशभर के पुलिस ऑफिसरों को करा रही है स्पेशल कोर्स, इन्टरनेट पर एक्टिव आतंकियों पर रखेंगे नज़र

कोर्स में हिस्सा लेने वाले एक अधिकारी ने बताया कि एनआईए ने व्हाट्सएप्प,टेलीग्राम ,फेसबुक और सीक्रेट चैट के जरिये आतंकियों की साजिश को नाकाम करने के साथ साथ इससे जुड़े ग्रुप पर कैसे नज़र रखी जाये इसके भी तरीके सिखाए. यही नहीं ऐसे चैट को सबूत के तौर पर अदालत में कैसे इस्तेमाल किया जाये इसके भी तरीके समझाए जो काफी अहम है . 

NIA देशभर के पुलिस ऑफिसरों को करा रही है स्पेशल कोर्स, इन्टरनेट पर एक्टिव आतंकियों पर रखेंगे नज़र
फाइल फोटो

नई दिल्लीः राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) देश भर के कुछ चुनिदा पुलिस अधिकारियो के साथ साथ ख़ुफ़िया एजेंसी से जुड़े अधिकारियों को एक खास तरीके के कोर्स करा रही है जिससे इन्टरनेट पर एक्टिव आतंकियों पर नज़र रखी जा सके . ऐसे कोर्स के जरिये पुलिस अधिकारियो को ये समझाया जा रहा है कि सोशल मीडिया और सीक्रेट चैट के जरिये देश के खिलाफ साजिश रचने वाले अंतराष्ट्रीय आतंकियों पर कैसे नज़र रखी जाये .ज़ी न्यूज़ को मिली जानकरी के मुताबिक इस महीने 3 जून से लेकर 4 जून तक यानि दो दिन चले कोर्स में करीब 24 पुलिस अधिकारियों के साथ साथ ख़ुफ़िया एजेंसी से जुड़े अधिकारियो ने हिस्सा लिया.

दिल्ली के एनआईए मुख्यालय में 'यूज़ ऑफ़ इंटरनेट बाई इंटरनेशनल टेररिस्ट ' (Use of Internet by International Terrorist) नाम से हुए इस कोर्स के जरिये एनआईए ने अपना अनुभव ऐसे अधिकारियो के साथ साझा किया .

कोर्स में हिस्सा लेने वाले एक अधिकारी ने बताया कि एनआईए ने व्हाट्सएप्प,टेलीग्राम ,फेसबुक और सीक्रेट चैट के जरिये आतंकियों की साजिश को नाकाम करने के साथ साथ इससे जुड़े ग्रुप पर कैसे नज़र रखी जाये इसके भी तरीके सिखाए. यही नहीं ऐसे चैट को सबूत के तौर पर अदालत में कैसे इस्तेमाल किया जाये इसके भी तरीके समझाए जो काफी अहम है . 

देखा जाये तों श्रीलंका में हुए इस्टर ब्लास्ट के तर्ज़ पर भारत में भी ऐसे आतंकी हमले का खतरा लगातार बना हुआ है . आइएसआईएस (ISIS) से लेकर कई दूसरे आतंकी ग्रुप सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर दूसरे देशो में आतंकी साजिश रच रहे है यही नहीं पाकिस्तान से जैश ए मोहम्मद और लश्कर के आतंकी भारत में अपना नेटवर्क मजबूत करने में लगे हुए है .पुलवामा में हुए हमले की जाँच में भी एनआईए को ऐसे कुछ सीक्रेट चैट ग्रुप पता चले है जिसमे पुलवामा हमले की साजिश रची गयी थी .

श्रीलंका में हुए ईस्टर बम धमाके के बाद खुफिया एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को भेजे एक रिपोर्ट में अगाह किया है कि देश में बड़े पैमाने पर रेडिक्लाइजेशन का खतरा बढ़ रहा है और कई रेडिकल ईस्लामिलक ग्रुप देश के कई शहरों में अपना पैठ बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं. गृह मंत्रालय को भेजे रिपोर्ट में कहा गया है कि केरल के कुछ रेडिकल ग्रुप जहां भारत और नेपाल सीमा पर लगातार रेडिक्लाइजेशन में लगे हैं वहीं ऐसे ग्रुप के निशाने पर आसाम में रह रहे बंग्लादेशी मुसलमान भी हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक गल्फ देशों से आ रहे फंड की बदौलत कई इटरनेशनल रेडिकल ग्रुप भी भारत के कई शहरों में अपनी गतिविधयां बढ़ाने में लगे हैं.  ज़ी न्यूज़ के पास लगी जानकारी के मुताबिक तमिलनाडु का भी एक ग्रुप खुफिया एजेंसियों की रडार में है.जर्मनी,रूस,चीन औऱ तर्की में बैन हो चुके कुछ कट्टर रेडिकल ग्रुप भारत में अपना पैर पसारने की कोशिश में हैं. 

गृह मंत्रालय ने खुफिया एजेंसियों को काफी गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियों से ऐसे रेडिकल ग्रुप पर नज़र रखने को कहा है . गृह मंत्रालय ने एजेंसियों से कहा है कि इन रेडिकल ग्रुप की किन किन शहरों में पहुंच हो चकी है और इनके लीडर्स कौन कौन है.

श्रीलंका में हुए धमाके के बाद हुई जांच में ये खुलासा हुआ है कि पिछले कुछ महीनों में श्रीलंका के कई ईलाकों में ऐसे ग्रुप ने बड़े पैमाने पर मुस्लिम युवकों  को रेडिक्लाइज्ड किया था और इन्ही में से एक ग्रुप ने श्रींलका में सिरियल बम धमाके किये थे. देखा जाये तो केरल समेत कई दक्षिण के राज्यों में आईएसआईएस अपना पैर पसारने में कोशिश में है . इस सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( एनआईए) दर्जनों आईएसआईएस से जुड़े संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी है. 
लेकिन इसके बावजूद खतरा अभी टला नहीं है.