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चेन्नई तेल रिसाव के छह दिन बाद सफाई अभियान तेज किया गया

चेन्नई के तट के पास तेल रिसाव होने के छह दिन बाद अलग अलग एजेंसियों के 2,000 से अधिक कर्मियों ने आज सफाई अभियान तेज कर दिया। तटरक्षक का मानना है कि एन्नोर बंदरगाह में दो पोतों की टक्कर की जगह से गाद निकालने में कम से कम दस दिन लग सकते हैं।

चेन्नई तेल रिसाव के छह दिन बाद सफाई अभियान तेज किया गया

आईसीजीएस पोत से: चेन्नई के तट के पास तेल रिसाव होने के छह दिन बाद अलग अलग एजेंसियों के 2,000 से अधिक कर्मियों ने आज सफाई अभियान तेज कर दिया। तटरक्षक का मानना है कि एन्नोर बंदरगाह में दो पोतों की टक्कर की जगह से गाद निकालने में कम से कम दस दिन लग सकते हैं।

तटरक्षक पूर्वी क्षेत्र के महानिरीक्षक राजन बरगोत्रा ने सफाई अभियान का ब्यौरा देते हुए कहा कि जहाजरानी महानिदेशालय ने तेल रिसाव की घटना की जांच का आदेश दिया है। गत शनिवार को दो जहाजों के टकराने के बाद तेल रिसाव हुआ था।

तेल रिसाव से समुद्री जीवन प्रभावित होने की खबरों के बीच बरगोत्रा ने घटना को ‘बड़ा हादसा लेकिन मामूली (तेल) रिसाव’ बताते हुए कहा कि बंगाल की खाड़ी के पूर्वी तट के करीब 34,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में तेल रिसाव हुआ। कामराजार बंदरगाह (पूर्व में एन्नोर बंदरगाह) के पास दस्ताने पहने स्वयंसेवक फावड़ों से गाद हटाने देखे गए।

उन्होंने कहा, ‘एन्नोर बंदरगाह से महाबलीपुरम के बीच पूर्वी तट से करीब 72 किलोमीटर दूर तेल रिसाव हुआ। करीब 12 किलोमीटर क्षेत्र में गाद पैदा हो गयी और आरके नगर कुप्पम इलाके में करीब 250 मीटर क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ।’ बरगोत्रा ने बताया कि 72 किलोमीटर गाद हटा दिया गया और उपकरणों के जरिये पानी एवं तेल का 54 किलोलीटर मिश्रण हटा लिया गया।

बरगोत्रा ने कहा, ‘जहाजरानी महानिदेशालय की जांच का आदेश दे दिया गया और उसके आधार पर हम पता लगा लेंगे कि घटना के दिन समुद्र में कितने तेल का रिसाव हुआ।’ उन्होंने कहा कि कल शाम तक तिरूवनमियूर के मरीना बीच एवं एलियट्स बीच के तट साफ कर लिए जाएंगे और दक्षिणी तट का प्रभावित क्षेत्र साफ करने में कम से कम तीन से चार दिन लग जाएंगे।

बरगोत्रा ने कहा, ‘एन्नोर बंदरगाह क्षेत्र (जहां घटना हुई) को साफ करने में कम से कम 10 दिन लग जाएंगे।’ चेन्नई बंदरगाह ट्रस्ट के प्रमुख पी रविंद्रन ने बताया कि आईओसी फरीदाबाद के वैज्ञानिक, पेट्रोलियम मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव, जहाजरानी मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्थिति का जायजा लेने के लिए पहले ही वहां पहुंच चुके हैं।

उन्होंने कहा कि हादसे के कारण का पता लगाने के लिए कैप्टन सुभाष कुमार के नेतृत्व में जांच का आदेश दिया गया है। बरगोत्रा ने बाद में कहा कि तटरक्षक, तमिलनाडु पुलिस तटीय सुरक्षा समूह, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दमकल एवं बचाव विभाग, राजमार्ग, चेन्नई बंदरगाह ट्रस्ट, चेन्नई कॉरपोरेशन जैसी विभिन्न एजेंसियों के 2,600 कर्मी और विभिन्न कॉलेजों, विश्वविद्यालयों एवं गैर सरकारी संगठनों के स्वयंसेवक सफाई अभियान में शामिल हैं।