पीएम मोदी ने तोड़ा 'भ्रमजाल', नागरिकता के नाम पर मुसलमानों से झूठ की राजनीति का अंत?

मोदी ने साफ किया कि एनआरसी को लेकर अभी किसी तरह की योजना तैयार नहीं है लेकिन उसने नाम पर मुसलमानों को भड़काने का काम किया जा रहा है.

पीएम मोदी ने तोड़ा 'भ्रमजाल', नागरिकता के नाम पर मुसलमानों से झूठ की राजनीति का अंत?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली में एक बार फिर से नागरिकता के भ्रम जाल को तोड़ने का काम किया.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को दिल्ली में एक बार फिर से नागरिकता के भ्रमजाल को तोड़ने का काम किया. उन्होंने आज आक्रामक रूप से विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) के नाम पर वो भ्रम फैला रहे हैं. मोदी ने साफ किया कि एनआरसी को लेकर अभी किसी तरह की योजना तैयार नहीं है लेकिन उसने नाम पर मुसलमानों को भड़काने का काम किया जा रहा है.

मोदी ने मुसलमानों से भी अपील की कि वो अफवाहों पर ध्यान नहीं दे क्योंकि उनका हक नहीं छीना जा रहा. मोदी ने केजरीवाल सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने यहां पर लोगों को घर मिलने में रोड़ा अटकाने की कोशिश की. मोदी ने कहा कि कांग्रेस इस कानून पर मुसलमानों को भड़काने का काम कर रही है. 

मोदी ने तोड़ा 'भेदभाव' वाली राजनीति का 'भ्रमजाल'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये क़ानून इस देश के अंदर जो 130 करोड़ लोग रह रहे हैं उनका इस क़ानून से कोई वास्ता नहीं है. धर्म के नाम पर सियासत करने वालों की दुकान बंद करते हुए पीएम ने कहा कि ये लोग सिर्फ और सिर्फ वोट बैंक की राजनीति कर सकते हैं अपने इसी वोट बैंक के लिए ये राजनीतिक दल लगातार लोगों को भड़का रहे हैं. पीएम ने साफ कहा कि झूठ बेचने वाले, अफवाह फैलाने वाले लोगों को पहचानने की ज़रुरत है, वो लोग जिनकी राजनीति दशकों तक वोट बैंक पर ही टिकी रही है. 

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'नागरिकता कानून किसी के खिलाफ नहीं'
पीएम मोदी ने कहा कि मुस्लिमों को भ्रमित किया जा रहा है. मेरी योजनाएं सभी के लिए हैं. उज्जवला योजना में किसी का धर्म नहीं पूछा गया. आयुषमान योजना में किसी से भी धर्म नहीं पूछा गया. इस तरह के झूठ आरोप लगाकर देश को पूरी दुनिया में बदनाम करने की कोशिश की है, बच्चों के स्कूल बसों पर हमले किए, देश के कई शहरों को अराजकता में धकेलने की कोशिश की है. सरकारी समपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। इनके इरादे देश समझ चुका है.