राजस्थान में मुक्त कराए गए 94 बाल श्रमिक बिहार रवाना, स्पेशल ट्रेन से की गई घर वापसी

बाल श्रमिकों के लिए बनाई गई विभिन्न योजनाओं का लाभ उन्हें दिलाने  की पहल करने को कहा है.

राजस्थान में मुक्त कराए गए 94 बाल श्रमिक बिहार रवाना, स्पेशल ट्रेन से की गई घर वापसी
बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान को बाल श्रम मुक्त प्रदेश बनाने का राज्य सरकार का संकल्प है.

विष्णु शर्मा, जयपुर: राज्य बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग की पहल पर मुक्त कराए गए 94 बाल श्रमिकों को मंगलवार शाम उनके मूल निवास स्थान बिहार रवाना किया गया. सभी बाल श्रमिकों को जयपुर से स्पेशल ट्रेन द्वारा रवानगी दी गई. सभी बाल श्रमिकों की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही उन्हें धमकी दी गई. 

राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्य की मानव तस्करी विरोधी यूनिट के सहयोग से विभिन्न राज्यों की ओर से आई बसों की तलाशी लेकर बाल श्रमिकों को रेस्क्यू किया था. मानव तस्करी विरोधी यूनिट ने डेढ़ सौ से अधिक बच्चों को रेस्क्यू कर आयोग के सुपुर्द किया था. आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने मुक्त कराए गए बच्चों को उनके मूल निवास स्थान भिजवाए जाने के निर्देश दिए थे. भिजवाने से पहले बच्चों की कोरोना वायरस रिपोर्ट कराई गई. इसमें 94 बच्चों की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें रवानगी दी गई. 

बिहार बाल आयोग अध्यक्ष को लिखा पत्र
आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने बिहार के बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष को पत्र लिखकर मुक्त कराए गए बाल श्रमिकों के पुनर्वास की मॉनिटरिंग कराने का आग्रह किया. बाल श्रमिकों के लिए बनाई गई विभिन्न योजनाओं का लाभ उन्हें दिलाने  की पहल करने को कहा है.

राजस्थान बाल श्रम मुक्त करने का प्रयास
बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान को बाल श्रम मुक्त प्रदेश बनाने का राज्य सरकार का संकल्प है, जिसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है. इसके तहत बाल श्रम रोकने की पहल करने के लिए विभिन्न संस्थाओं का सहयोग लिया जा रहा है. मानव तस्करी विरोधी यूनिट के साथ बाल कल्याण समिति और विभिन्न एनजीओ और बिहार मध्य प्रदेश गुजरात के आयोग ने संस्थाओं फिल्म का भी सहयोग लिया जा रहा है.