पुलवामा हमले के बाद बढ़ा लोगों का गुस्सा, अजमेर दरगाह में पाकिस्तानियों के प्रवेश पर भी बैन

लोगों का मानना है की जिस तरह पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को पनाह दी जाती है और पाक परस्त आतंकी भारत में पुलवामा जैसे कायराना हमलों को अंजाम दे रहे हैं. 

पुलवामा हमले के बाद बढ़ा लोगों का गुस्सा, अजमेर दरगाह में पाकिस्तानियों के प्रवेश पर भी बैन
फाइल फोटो

अजमेर: पुलवामा हमले के बाद अब देश में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है. इस कायराना हमले के बाद अब लोग मांग कर रहे है कि धार्मिक आधार पर पकिस्तान से हिन्दुस्तान आने वाले पाकिस्तानियों पर भी बेन लगाया जाए. इस बात का सीधा असर अजमेर में मार्च के शुरूआती दिनों में आयोजित होने वाले ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के उर्स पर दिखाई दे रहा है. 

आस्थाओं के इस मुकाम पर हर साल ख्वाजा साहब का उर्स आयोजित होता है जिसमे सरहद के उस पार यानी पाकिस्तान से भी लगभग पांच सौ से अधिक जायरीन अजमेर आते हैं लेकिन इस साल हालात कुछ अलग हैं. लोगों की आस्थाओं पर पाकिस्तान का आतंक भारी पड़ रहा है. हर साल पाकिस्तान के जायरीन जत्थे का इस्तकबाल करने वाले अजमेर से ही इस जत्थे को भारत आने की अनुमति नहीं दिए जाने की आवाज बुलंद होने लगी है. 

लोगों का मानना है की जिस तरह पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को पनाह दी जाती है और पाक परस्त आतंकी भारत में पुलवामा जैसे कायराना हमलों को अंजाम दे रहे हैं. उसके मद्देनजर अब समय आ गया है जब पाकिस्तान से सभी तरह के संबंध तोड़े जाने चाहिए. फिर बात चाहे पाकिस्तान से आने वाले जायरीन जत्थे की हो या फिर साथ क्रिकेट या अदबी संबंधो की 

पुलवामा हमले के बाद देश में लगातार बढ़ती सेनिको की शाहदत से लोगों का गुस्सा परवान पर है. यह माना जा रहा है कि यदि इन हालातों में पाकिस्तानी जायरीन जत्थे को अजमेर आने की अनुमति दी गई तो हालात भी बिगड़ सकते हैं. इन हालातों के मद्देनजर फिलहाल प्रशासन कुछ बोलने को तैयार नहीं है लेकिन अजमेर एसपी कुंवर राष्ट्रदीप के मुताबिक किसी भी स्तर पर फिलहाल पाकिस्तानी जायरीन के अजमेर आने की कोई सुचना प्रशासन के पास नहीं है लेकिन यदि इस संबंध में कोई जानकारी मांगी गई तो सरकार को हालातों की जानकारी दी जाएगी. 

उल्लेखनीय है कि उरी हमले के बाद से ही पाकिस्तानी जायरीन जत्थे को अजमेर आने की अनुमति नहीं दी गई है. इस साल यह माना जा रहा था कि सरकार पाकिस्तानी जायरीन को भारत आने की अनुमति दे सकता है लेकिन अब जिस तरह के हालात पुलवामा हमले के बाद उत्पन्न हुए हैं उसे देखते हुए माना जा रहा है कि सरकार पाकिस्तानियों को अजमेर आने की अनुमति ना दे.