अशोक गहलोत ने ली CMO की बैठक, बजरी संकट पर सख्त कदम के दिए आदेश

बैठक में सीएम ने कहा कि रिफाइनरी की स्थापना से बड़ी संख्या में सहायक एवं सेवा क्षेत्र के उद्योगों का विकास होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

अशोक गहलोत ने ली CMO की बैठक, बजरी संकट पर सख्त कदम के दिए आदेश
फाइल फोटो

जयपुर: मुख्यमंत्री ने सोमवार को सीएमओ मे रिफाइनरी प्रोजेक्ट और बजरी संकट के मुद्दे को लेकर उच्च स्तरीय बैठक ली. सीएम ने रिफाइनरी की बैठक में जहां अधिकारियों को तेज गति से काम करते हुए 2022 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने के निर्देश दिए. वहीं बजरी संकट को लेकर भी कानूनी अड़चनें दूर करने और बजरी माफिया पर लगाम लगा कर आम जनता को राहत देने के लिए कहा.

बैठक में सीएम ने कहा कि रिफाइनरी की स्थापना से बड़ी संख्या में सहायक एवं सेवा क्षेत्र के उद्योगों का विकास होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. सीएम ने कहा की उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र में सुनियोजित रूप से औद्योगिक क्षेत्र को स्थापित किया जाए ताकि स्थानीय युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर इन अवसरों का पूरा लाभ उठा सकें. बैठक के दौरान एचपीसीएल के अध्यक्ष और प्रबंध निर्देशक ने रिफाइनरी के पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स के निर्माण से मुख्यमंत्री को अवगत कराया. उन्होंने बताया कि रिफाइनरी के प्रोजेक्ट में 43129 करोड़ का निवेश किया जाएगा और इसकी क्षमता 9 मिलीयन मैट्रिक टन प्रतिवर्ष होगी. 

वहीं सीएम गहलोत ने बजरी खनन के संबंध में भी न्यायिक प्रकरणों का परीक्षण कर तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए. सीएम ने बजरी के विकल्प के तौर पर एम सैंड के उपयोग की संभावनाएं भी तलाश कर इस संबंध में पॉलिसी बनाने को कहा है. मुख्यमंत्री ने बजरी माफिया पर नियंत्रण और अवैध खनन रोकने के लिए संभावित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.