नागरिकता संशोधन बिल पर CM गहलोत का बड़ा बयान, बोले- फैसले पर हो पुर्नविचार

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार हठधर्मिता से काम कर रही है.  जनभावनाओं को दरकिनार किया जा रहा है. 

नागरिकता संशोधन बिल पर CM गहलोत का बड़ा बयान, बोले- फैसले पर हो पुर्नविचार
नागरिकता बिल पर राजनीतिक बयानों का दौर जारी है.

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है. नागरिकता बिल पर स्टूडेंट्स विरोध कर रहे हैं. पूरे देश को इस प्रक्रिया ने झकझोर कर रख दिया है, लोग सड़कों पर आकर कर विरोध कर रहे हैं. 

सत्ता में बैठे लोग जनभावना को समझने में असफल हैं, इस फैसले पर पुर्नविचार करना चाहिए. रोजगार, कालाधन, जीएसटी, नोटबंदी सहित सभी मसलों पर केंद्र सरकार फेल है.

केंद्र जनभावना को समझने में असफल
नागरिकता बिल पर राजनीतिक बयानों का दौर जारी है. प्रदेश के उद्यमियों के लिए विकास योजनाओं को लांच करने के बाद मीडिया से रूबरू होकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार हठधर्मिता से काम कर रही है.  जनभावनाओं को दरकिनार किया जा रहा है. देश के अहम मुद्दों की बजाय भटकाने की कोशिश हो रही है. आज के दौर में  देश का उद्योग संकट में है, अर्थव्यवस्था आईसीयू में जा चुकी हैं. एनपीए बढ़ रहे हैं, उद्यमी कर्ज में हैं. अब मोदी हैं तो मुमकिन नहीं रहा, अब मोदी है तो मंदी है, हो गया है. सीएम गहलोत ने अपने संबोधन में महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि कहा रातोंरात राष्ट्रपति शासन हटा कर  BJP का CM बना दिया गया. यह सब लोग देख रहे हैं लेकिन बोल कोई नहीं रहा.

हर आवाज दबाई गई
अपने चिरपरिचित अंदाज में सीएम गहलोत ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने तीसरी बार उन्हें उन्हें जनसेवक बनाया है. ऐसे में वो जनता की बात कह सकते है, लोगों को तो बोलने से ही रोका जा रहा है. प्रदेश में आए विदेशी नागरिकों को नागरिकता देने की तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री पी चिंदबरम से मांग को जायजा ठहराते हुए गहलोत ने कहा कि इसमें भी अमित शाह राजनीति कर रहे हैं. अर्थव्यवस्था की सुस्ती पर निशाना साधते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों की हिस्सेदारी ही नहीं दे रही है. नागरिकता एक्ट को रिपील करने की मांग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उठाई.