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राजस्थान: गणतंत्र दिवस पर दिखा स्वाइन फ्लू का डर, मास्क लगाकर किया ध्वजारोहण

राज्य के झाड़ोल में चिकित्सा विभाग के सारे कर्मचारियों ने मुंह पर मास्क लगाकर ध्वजारोहण किया. 

राजस्थान: गणतंत्र दिवस पर दिखा स्वाइन फ्लू का डर, मास्क लगाकर किया ध्वजारोहण
राज्य में 24 जनवरी तक स्वाइन फ्लू से 56 लोगों की मौत की जानकारी मिली है.

झाड़ोल/उदयपुर: राजस्थान में स्वाइन फ्लू से हुई मौत से राज्य के लोग ही नहीं मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर भी आतंकित हैं. राज्य के झाड़ोल में गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के दिन ध्वजारोहण के समय चिकित्सा विभाग के सारे कर्मचारियों ने मुंह पर मास्क लगाया हुआ था, जिसमें डॉक्टर भी शामिल थे. इस दौरान झाड़ोल के बीसीएमओ डॉ धर्मेंद्र गरासिया ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से इससे बचाव के लिए उठाए जाने वाले जरूरी कदम की जानकारी भी दी.

कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ धर्मेंद्र गरासिया ने बताया कि आम लोगों को इस महामारी से बचाव के लिए जागरूक करने का प्रयास किया गया है. इसके अलावा स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए एएनएम को ग्रामीणों के अलावा क्षेत्र के सभी स्कूलों में जाकर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है. 

आपको बता दें कि, राजस्थान में 24 जनवरी तक स्वाइन फ्लू से 56 लोगों की मौत की जानकारी मिली है. राज्य में यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसे में इस बीमारी से बचाव के लिए उपाए भी किये जा रहे हैं. 

बताया जा रहा है कि राज्य के कई जिलों में हेल्थ विभाग आम लोगों को जागरूक करने के अभियान भी चला रखा है. इसके अलावा राज्य के कई जिलों में मुफ्त आयूर्वेदिक और यूनानी विधि से तैयार काढ़ा भी पिलाया जा रहा है.  

बुधवार को अजमेर जिले के सरकारी डॉक्टरों ने इस काढ़े को अपने घर में ही बनाने का तरीका भी बताया था. इसके साथ ही इसकी खुबियां भी समझाई थी. ताकि किसी भी इंसान को इसका इलाज़ समझ आ सके और लोगों को इस खौफनाक बीमारी से निजात मिल सके.   

राज्य के हेल्थ मिनिस्टर डॉ. रघु शर्मा के निर्देश पर स्वाइन फ्लू को लेकर कई अभियान चलाए जा रहे हैं. इस दौरान राज्य में 55 लाख से अधिक व्यक्तियों स्वाइन फ्लू को लेकर स्क्रीनिंग भी की गई थी. जिसमें लगभग 846 व्यक्तियों में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखे थे. साथ ही 563 गर्भवती महिलाओं में भी सर्दी-जुकाम के लक्षण नजर आए. कुल 1 हजार 900 मरीजों को टेमीफ्लू दवाई दी गई. वहीं 16 हजार से अधिक लोगों के ब्लड सैम्पल भी लिए गए.

क्या है स्वाइन फ्लू 

स्वाइन फ्लू एक तीव्र संक्रामक रोग है, जो एक विशिष्ट प्रकार के इनफ्लुएंजा वाइरस (एच-1 एन-1) के द्वारा होता है. इसमें मरीज को जुकाम, गले में खराश, सर्दी खांसी, बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, ठंड लगना, पेटदर्द व उल्टी दस्त की शिकायत रहती है. यह रोग बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को तीव्रता से प्रभावित करता है. यह खांसने, छींकने व छूने से फैलता है. इसके साथ ही संक्रमित होने से 5-7 दिन में यह लक्षण दिखाई देना शुरू हो जाते हैं. 

मरीज भी रखे सावधानी 

स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने के बाद मरीज सबसे पहले चिकित्सकीय परामर्श लें. इसके साथ ही खांसी, जुकाम व बुखार के रोगी से दूर रहें. साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखें. खांसते या छींकते समय मुंह ढंक दें. सर्दी जुकाम होने की स्थिति में भीड़-भाड़ से बचें.