close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

डूंगरपुर में नगरपरिषद 500 घरों में बनाएगी वॉटर हार्वेस्टिंग, 5 करोड़ लीटर पानी जमीन में पहुंचाने का उद्देश्य

इस काम के लिए नगरपरिषद सम्बंधित भवन मालिक को लागत की आधी राशी सब्सिडी के रूप में भी दे रही है. सभापति के के गुप्ता ने बताया की वॉटर हार्वेस्टिंग कराने के लिए 16 हजार रूपये की लागत आती है 

डूंगरपुर में नगरपरिषद 500 घरों में बनाएगी वॉटर हार्वेस्टिंग, 5 करोड़ लीटर पानी जमीन में पहुंचाने का उद्देश्य
प्रतीकात्मक तस्वीर

डूंगरपुर: राजस्थान की डूंगरपुर नगरपरिषद अपने नवाचारो को लेकर हमेशा से ही सुर्खियों में रही है. बात स्वच्छता की हो या शहर को हरा-भरा करने की सभी कामों को नगरपरिषद ने अपने प्रयासों से पूरा किया है और नगरपरिषद के इन प्रयासों की मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक सराहना कर चुके हैं. इसी कड़ी में अब नगरपरिषद ने शहर के भू जल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से जल संचय व उसके संरक्षण का बीड़ा उठाया है. जिसके तहत डूंगरपुर नगरपरिषद डूंगरपुर शहर में आवसीय भवनों में वर्षा के जल को सहेजने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा रही है. शहर को डार्क जॉन से मुक्त करने के उद्देश्य से नगरपरिषद द्वारा शहर के पहले चरण में 500 घरों में वॉटर हार्वेस्टिंग कराने का लक्ष्य लिया गया है. इन 500 घरों पर वॉटर हार्वेस्टिंग से शहर में 5 करोड़ लीटर पानी जमीन में पहुंच पाएगा. डूंगरपुर नगरपरिषद अब तक डेढ़ सौ से अधिक घरों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा चुकी है. 

इतना ही नहीं इस काम के लिए नगरपरिषद सम्बंधित भवन मालिक को लागत की आधी राशी सब्सिडी के रूप में भी दे रही है. सभापति के के गुप्ता ने बताया की वॉटर हार्वेस्टिंग कराने के लिए 16 हजार रूपये की लागत आती है और इसकी आधी 8 हजार की राशि नगरपरिषद सब्सिडी के रूप में दे रही है. इधर शहरवासी नगरपरिषद की इस पहल की प्रशंसा भी कर रही है और नगरपरिषद के इस कदम को भविष्य के लिए शहरवासियों के लिए काफी फायेदेमंद बताया है. वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाने पर नगरपरिषद ने सख्ती भी अपनाई है. सभापति के के गुप्ता ने बताया, शहर में वॉटर हार्वेस्टिंग में जो भी परिवार नगरपरिषद को सहयोग नहीं करेगा उसे नगरपरिषद की सभी सुविधाओं से वंचित रखा जाएगा जिसमे सफाई, बिजली, नालियों की सफाई, सुढ़ृढ़ीकरण आदि कार्यों से वंचित रखा जाएगा. सभापति ने कहा, जल संचय केवल नगरपरिषद की ही जिम्मेदारी नहीं है इसमें सभी शहरवासी का सहयोग अपेक्षित है. 

आज के भौतिक युग में जल की महत्वत्ता बढ़ गयी है जिसका कारण हम जमीन के पानी का उपयोग तो कर रहे हैं पर जमीन को कुछ दे नहीं रहे हैं. अगर हम जमीन के पानी का इसी तरह उपयोग करते रहे तो वो दिन दूर नहीं जब इस धरती पर पानी ही नहीं रहेगा. ऐसे में वर्षा के जल को सहेजते हुए भू जल स्तर को बढ़ाने की दिशा में डूंगरपुर नगरपरिषद की पहल काबिले तारीफ है. बहराल इस पहल का कितना फायदा डूंगरपुर शहर को होगा ये तो आने वाला वक्त बता पायेगा.