राजस्थान चुनाव: अभिनव राजस्थान पार्टी का हुआ गठन,किया वादा जनता पहुंची तो खड़े रहेंगे अधिकारी

राजस्थान में चुनाव से पहले एक ऐसे राजनितिक दल का गठन हुआ है, जो आम लोगों से किये चुनावी वायदे को पूरा करने के लिए कानूनन बाध्य होगी.

राजस्थान चुनाव: अभिनव राजस्थान पार्टी का हुआ गठन,किया वादा जनता पहुंची तो खड़े रहेंगे अधिकारी
22 अगस्त को पंजीकृत हुई अभिनव राजस्थान पार्टी. (फोटो साभार :twitter@AbhinavRajparty)

जयपुर/नई दिल्ली: वैसे तो चुनाव के दौरान हर पार्टी आम लोगों से लम्बे-चौड़े वादे करती है. लेकिन सत्ता में आने के बाद वो इन वादों को भूल जाती है. लेकिन राजस्थान में चुनाव से पहले एक ऐसे राजनीतिक दल का गठन हुआ है, जो आम लोगों से किये चुनावी वादें को पूरा करने के लिए कानूनन बाध्य होगी.

22 अगस्त को पंजीकृत हुई अभिनव राजस्थान पार्टी आने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव में 200 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है. इस दल के नेताओं का कहना है कि अगर वो चुनाव के दौरान मतदाताओं से किए वादों को पूरा नही करती हैं तो वोटर उसे कोर्ट के दरवाजे तक भी ले जा सकते हैं. 

इस दल के राज्य परिषद् के सदस्य डॉक्टर अशोक चौधरी ने मीडिया से बातचीत में बताया में कहा," हम आम लोगो से किए  चुनावी वादें को पूरा करने के लिए बाध्य होंगे और अपने राज्य चुनाव के लिए जारी होने वाले इलेक्शन मैनिफेस्टो में हरेक विधानसभा क्षेत्र के 50 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को बजाप्ता स्टाम्प पेपर पर चुनावी वादे लिख कर भी देंगे.'' अगर चुनाव जीतने के बाद अगर वह अपना वादा पूरा नहीं करते हैं, तो मतदाता उन्हें ऐसा करने के लिए कानूनन बाध्य भी कर सकते हैं.

abhinav rajasthan party
नवगठित 'अभिनव राजस्थान पार्टी' कर रही है चुनाव प्रचार:@AbhinavRajparty

लम्बे समय से सूचना के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ने वाले अशोक चौधरी ने अपनी इंडियन पोस्टल सर्विस की अच्छी खासी सरकारी नौकरी को 10 साल काम करने बाद छोड़ कर समाजसेवा की और रुख किया था. पेशे से डॉक्टर चौधरी 2008 से राजस्थान के लोगों को सुचना के अधिकार के लिए जागरूक करने के लिए काम कर रहे हैं.

अब अशोक चौधरी राजनीति की तरफ अपना कदम बढ़ाया है. जिसके लिए उन्होंने अभिनव राजस्थान पार्टी का गठन किया है.

चौधरी का यह भी कहना है कि सत्ता में आने के बाद उनका दल राजस्थान में शराबबंदी लागू कर देगा. चौधरी की नई पार्टी आम लोगों को अधिकारियों की हेकड़ी से भी दूर करेगी. राजस्थान में उनके दल के सत्ता में आने के तीन महीनें के बाद सरकारी दफ्तर में जाने वाले आम लोगों का अधिकारी खड़े हो कर अभिवादन भी करेंगे.

वैसे राज्य के लोगों का मानना है की फिलवक्त देश के नेताओं और दलों को जनता से सिर्फ कोरा वायदा करने भर आता है. अब जबकि देश में सक्रिय राजनैतिक दल अपनी विश्वसनीयता को खो चुके हैं. वैसे में स्टाम्प पेपर पर किये वायदों को पूरा करने की बात भी बेमानी लगती है.

वैसे सूचना के अधिकार के माध्यम से भ्रष्टाचार के खिलाफ लम्बे समय से लड़ाई लड़ने वाले डॉक्टर अशोक चौधरी की पार्टी का चुनाव चिन्ह 'टॉर्च' है. राजस्थान में उनके दल के करीब दस हजार सदस्य भी हैं. नवगठित 'अभिनव राजस्थान पार्टी' राजस्थान चुनाव के लिए आम लोगों के बीच जा कर 'क्राउड-फंडिंग' भी कर रही है. 1 नवम्बर को अपना चुनावी घोषणा पात्र भी जारी करने वाले हैं.