राजस्थान में आरटीई के तहत निकाली गई लॉटरी, 4 लाख से ज्यादा अभिभावकों ने किया आवेदन

आरटीई के तहत अपने बच्चों का प्रवेश प्रदेश के बड़े निजी स्कूलों में करवाने को लेकर अब अभिभावकों का रुझान ज्यादा बढ़ता जा रहा है. पिछली बार की अपेक्षा इस बार 2 लाख से ज्यादा आवेदन आए. 

राजस्थान में आरटीई के तहत निकाली गई लॉटरी, 4 लाख से ज्यादा अभिभावकों ने किया आवेदन
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: राजस्थान में आरटीई के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए शिक्षा विभाग ने आनलाइन लॉटरी निकाली. 31 हजार 500 से ज्यादा स्कूलों में प्रवेश के लिए 3 लाख 98 हजार स्टूडेंट्स ने 19 लाख 46 हजार आवेदन किए. जबकि 2673 निजी स्कूलों के लिए आवेदन ही नहीं आया. वहीं 50 हजार अभिभावक पोर्टल पर तो गए, लेकिन उन्होंने किसी भी स्कूल के लिए आवेदन नहीं किया. आरटीई के तहत प्रत्येक स्कूल में 25 फीसदी सीटे रिजर्व होती हैं.

आरटीई के तहत अपने बच्चों का प्रवेश प्रदेश के बड़े निजी स्कूलों में करवाने को लेकर अब अभिभावकों का रुझान ज्यादा बढ़ता जा रहा है. पिछली बार की अपेक्षा इस बार 4 लाख से ज्यादा आवेदन आए. समसा आयुक्त प्रदीप बोरड ने बटन दबाकर आनलाइन लॉटरी निकाली. अब अभिभावक वेब पोर्टल पर वरीयता सूची पर क्लिक कर अपने बच्चों का नाम देख सकते हैं. आयुक्त प्रदीप बोरड का कहना है कि आरटीई के तहत बच्चों के प्रवेश के लिए लॉटरी निकाल दी है और अब पूरी प्रक्रिया को लेकर निगरानी की जा रही है. इसमें वरीयता सूची के आधार पर ही स्कूलों में चयन होगा.

एक अभिभावक अधिकतम 15 स्कूलों में एडमिशन की च्वॉइस भर सकता था. जिसमें अभिभावकों ने बालकों के लिए प्रवेश के लिए ज्यादा आवेदन किए. 31 लाख 838 अभिभावकों ने बालिकों के प्रवेश के लिए आवेदन किया, जबकि 1 लाख 87901 अभिभावकों ने बालिकाओं के प्रवेश के लिए आवेदन किया. आवेदन तो कर दिया, लेकिन अभिभावक इस बात का जरूर ध्यान रखे कि 4 अप्रैल तक दस्तावेज स्कूल में जमा करवाने होंगे.

आरटीई के जरिए प्रवेश के लिए सबसे ज्यादा ओबीसी वर्ग के अभिभावकों ने 8,88,186 आवेदन किए. जबकि सामान्य वर्ग 4,73,988, एसबीसी 25,697, एससी 3,30,186, एसटी 63,894 आवेदन आए. इसके साथ साथ 3,252 अनाथ बच्चों के लिए भी आवेदन आए. वहीं कैंसर एचआईवी प्रभावित 3,214, विधवा ने 6,674, निशक्तजन श्रेणी के 2,692 आवेदन प्राप्त हुए.