जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट केस: जानिए कब और कैसे हुए थे धमाके

अदालत ने 11 साल की सुनवाई के बाद डेढ़ महीने तक फैसला लिखवाया था और 18 दिसम्बर को फैसला की तारीख मुकर्रर की है.

जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट केस: जानिए कब और कैसे हुए थे धमाके
जयपुर बम ब्लास्ट

जयपुर: 13 मई 2008 का मंगलवार का वो काला दिन आज 11 साल बाद भी देश के जहन में बिल्कुल ताजा है. राजधानी जयपुर में 12 मिनट के अंतराल और 2 किलोमीटर के दायर में हुए 8 सीरियल बम धमाकों ने पूरे देश को झंझोरकर रख दिया था. आतंकवादियों ने आतंक का ऐसा अमिट घाव दिया, जिसके जख्म आज भी राजधानी के लोगों के जहन और दिलों में ताजा हैं. इन सीरियल बम धमाकों में 72 लोगों ने अपनी जान गंवाई तो वहीं 287 लोग घायल हुए थे. अदालत ने 11 साल की सुनवाई के बाद डेढ़ महीने तक फैसला लिखवाया था और 18 दिसम्बर को फैसला की तारीख मुकर्रर की है.

चांदपोल हनुमान मंदिर के बाहर आरती के समय हुआ पहला धमाका और देखते ही देखते एक के बाद एक 8 धमाकों से गुलाबी नगरी लहुलुहान हो गई. चारों ओर खून और लोगों के मांस से लौथड़े ही लौथड़े बिखरे पड़े थे. इस हादसे में किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने अपना पति तो किसी ने अपने माता-पिता खोए. 

13 मई 2008 के जयपुर बम धमाकों में मारे गए लोगों के नाम

मैना, बानो, ताराशंकर, हरीश, सुमेरा रंजन, कुमारी रेशमा, एनी खान, इकबाल अहमद, भगवती देवी, राम प्रसाद, विजय कुमार गुप्ता, गोपाल सिंह, आशा राम गुर्जर, महेन्द्र कुमार सैन, प्रबल प्रताप, चमनलाल बागड़ा, रामू प्रजापत, सावित्री देवी, नरेन्द्र कुमार तंवर, किशन कुमार, पुनीत सोनी, महक डगायच, दिया डगायच, जावेद, दीपक यादव, भारत भूषण, रामसेवक, मोहन लाल शर्मा, गौरव शर्मा, राधेश्याम यादव, मुरलीधर, मदनलाल, मुकेश कुमार, कान्हाराम, दीपक सैनी, कांस्टेबल शाहनवाज, कुमारी इरा, कौशल्या देवी, रमेश चौहान, हनीफ खान, संदीप पासवान, रामसेवक दास

मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों शाहबाज हुसैन, मोहम्मद सैफ, सरवर आजमी, सैफुर्रहमान एवं सलमान को गिरफ्तार किया था. जबकि शादाब, मोहम्मद खालिद एवं साजिद को राज्य पुलिस आज तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है. एक अन्य आरोपी मोहम्मद आरिज उर्फ जुनैद को दिल्ली पुलिस ने यूपी के आजमगढ़ से गिरफ्तार किया था, लेकिन राज्य की एटीएस ने अभी तक इस आरोपी को दिल्ली पुलिस से रिमांड पर नहीं लिया है. इस मामले में पुलिस ने आठ मुकदमे दर्ज किए थे और इन सभी में आरोपियों पर चार्ज तय होने के बाद ट्रायल हुई. मामले में एक हजार से ज्यादा गवाहों के बयान हुए. इन गवाहों में से 30 प्रतिशत गवाह तो पुलिस महकमे, जिला प्रशासन एवं विशेषज्ञ के हैं, जो सभी केसों में समान हैं. मामले में राज्य सरकार की पीड़ितों को जल्द न्याय की सिफारिश पर राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने बम धमाकों की स्पेशल कोर्ट का गठन किया था.

बम धमाकों के आरोपियों को इस तरह किया गया गिरफ्तार

पहला आरोपी शाहबाज हुसैन उर्फ शहबान अहमद उर्फ शानू, निवासी मौलवीगंज, उत्तरप्रदेश, जयपुर में 13 मई 2008 को हुए बम ब्लास्ट के बाद सबसे पहले 8 सितंबर 2008 को शाहबाज हुसैन को गिरफ्तार किया गया.
दूसरा आरोपी मोहम्मद सैफ, निवासी सरायमीर, आजमगढ़ उत्तरप्रदेश है. इसको 23 दिसंबर 2008 को गिरफ्तार किया गया. 
तीसरा आरोपी मोहम्मद सरवर आजमी, निवासी चांदपट्टी, आजमगढ़ उत्तरप्रदेश है. इसे 29 जनवरी 2009 को गिरफ्तार किया गया.
चौथा आरोपी सैफ उर्फ सैफुर्रहमान, निवासी आजमगढ़ उत्तरप्रदेश है. इसको 23 अप्रेल 2009 को गिरफ्तार किया गया. 
पांचवा आरोपी सलमान, निवासी निजामाबाद, उत्तरप्रदेश है. इसे 3 दिसंबर 2010 को गिरफ्तार किया था.

इन धाराओं में मामले किए गए दर्ज

बम ब्लास्ट के बाद आईपीसी की धारा 302, 307, 427, 120 बी, 121ए, 124ए, 153ए, धारा 3,4,5,6 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के अलावा विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) की धारा 3, 10, 12, 16(1), 18, 20, 38 और 3 पीडीपीपी के तहत मुकदमे दर्ज हुए थे, इनमें चार मुकदमें कोतवाली थाने में और चार मुकदमें माणकचौक थाने में दर्ज करवाए गए थे.

12 मिनट के अंतराल में इन जगहों पर हुए बम धमाके

1- 13 मई 2008 की शाम करीब 7.20 बजे पहला बम ब्लास्ट खंदा माणकचौक, हवामहल के सामने हुआ. इसमें 1 महिला की मौत हुई जबकि 18 लोग घायल हुए थे.
2- दूसरा बम धमाका बड़ी चौपड़ के पास मनिहारों के खंदे में ताला चाबी वालों की दुकानों के पास शाम करीब 7.25 बजे हुआ, जिसमें 6 लोगों की मौत हुई साथ ही 27 लोग घायल हुए.
3- तीसरा बम ब्लास्ट शाम करीब 7.30 बजे छोटी चौपड़ पर कोतवाली थाने के बाहर पार्किंग में हुआ. इनमें 2 पुलिसकर्मियों सहित 7 लोगों की मौत हुई जबकि 17 लोग घायल हुए थे.
4- चौथा बम धमाका भी इसी समय दुकान नंबर 346 के सामने, त्रिपोलिया बाजार के पास हुआ. इसमें 5 लोगों की मौत और 4 लोग घायल हुए. 
5- पांचवा बम धमाका चांदपोल बाजार स्थित हनुमान मंदिर के बाहर पार्किंग स्टैंड पर शाम 7.30 बजे हुआ. इनमें सबसे ज्यादा 25 लोगों की मौत हुई जबकि 49 लोग घायल हो गए. इस बम धमाके में कार सवार दो मासूम बहनों सहित कई दर्शनार्थी, दुकानदार, ग्राहक, भिखारी और राहगीर शामिल थे.
6- छठा बम ब्लास्ट जौहरी बाजार में पीतलियों के रास्ते की कार्नर पर नेशनल हैंडलूम के सामने शाम करीब 7.30 बजे हुआ. इनमें 8 लोगों की मौत और 19 लोग घायल हुए.
7- सातवां बम धमाका शाम 7.35 बजे छोटी चौपड़ पर फूलों के खंदे में हुआ. इसमें 2 लोगों की मौत और 15 लोग घायल हुए.
8- आठवां बम धमाका जौहरी बाजार में सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर के बाहर शाम 7.36 बजे हुआ. इसमें 17 लोगों की मौत हुई जबकि 36 लोग घायल हुए.
9- नौवे ब्लास्ट की कोशिश दुकान नंबर 17 के सामने चांदपोल बाजार में एक गेस्ट हाउस के बाहर, जिसमें रात 9 बजे का टाइमर सेट था, लेकिन 15 मिनट पहले बम स्कॉड टीम ने इसे डिफ्यूज कर दिया.