जयपुर: व्हीकल फिटनेस सेंटर को लेकर विरोध में उतरे ट्रांसपोर्टर्स, रखी यह मांग...

जयपुर ट्रांसपोर्ट यूनियन ने परिवहन विभाग और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग की है कि राजस्थान के सभी आरटीओ और डीटीओ कार्यालय में फिटनेस सेंटर खुलने चाहिए. 

जयपुर: व्हीकल फिटनेस सेंटर को लेकर विरोध में उतरे ट्रांसपोर्टर्स, रखी यह मांग...
परिवहन विभाग की ओर से फिटनेस सेंटरों को लेकर जोधपुर हाईकोर्ट में गया था.

जयपुर: परिवहन विभाग की ओर से व्हीकल फिटनेस सेंटर को प्राइवेट हाथों में देने को लेकर लगातार अब ट्रांसपोर्टर्स विरोध में उतर आए हैं. इसे लेकर जयपुर ट्रांसपोर्टस एसोसिएशन ने परिवहन विभाग को आदेश वापस लेने के लिए लिखित में अवगत कराया है.

परिवहन विभाग की ओर से फिटनेस सेंटरों को लेकर जोधपुर हाईकोर्ट में गया था. जिसके बाद जोधपुर हाईकोर्ट ने एक आदेश जारी करते हुए कोटपूतली, अलवर और पीपाड़ में फिटनेस सेंटरों को प्राइवेट हाथों में देने को लेकर कहा था. लेकिन, परिवहन आयुक्त राजेश यादव ने कोर्ट के आदेशों को दरकिनार करते हुए. पूरे राजस्थान के लिए यह आदेश जारी कर दिया. जिसके अंतर्गत सभी सेंटरों को प्राइवेट हाथों में देने के आदेश जारी किया गया है. जिसके बाद अब ट्रांसपोर्टर्स ने परिवहन विभाग का विरोध करना भी शुरू कर दिया है. 

इसके साथ ही जयपुर ट्रांसपोर्ट यूनियन ने परिवहन विभाग और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग की है कि राजस्थान के सभी आरटीओ और डीटीओ कार्यालय में फिटनेस सेंटर खुलने चाहिए. जिससे ट्रांसपोर्टर्स और आमजन को फिटनेस की सुचारू रूप से सुविधा मिल सके. 

राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट के प्रदेश अध्यक्ष गोपालसिंह राठौड़ का कहना है कि उन्होंने परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास से भी इस संदर्भ में बात की है. इस दौरान परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने जयपुर आरटीओ राजेंद्र वर्मा को मौखिक आदेश भी जारी किए है. जिसके अंतर्गत एक बार फिर सभी भारी वाहनों की फिटनेस जगतपुरा के अंतर्गत होने के लिए आदेश जारी किए हैं. ऐसे में अब देखने वाली बात यह होगी क्या परिवहन आयुक्त परिवहन मंत्री के आदेशों की पालना करेंगे या नहीं. 

जयपुर से 25 किलोमीटर दूर है प्राइवेट फिटनेस सेंटर
ट्रक ट्रांसपोर्ट के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल सिंह राठौड़ का कहना है कि परिवहन विभाग के द्वारा जो प्राइवेट फिटनेस सेंटर बनाया गया है, वह चित्तौड़ के एक एजेंट का है. जिसमें वह भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है. वहीं, गोपाल सिंह राठौड़ का कहना है कि जयपुर से बगरू जाने में ट्रांसपोर्टर्स का करीब 3000 रूपये का डीजल लगता है. साथ ही उन्हें 2000 रूपये का अत्यधिक भार और लगता है,. जिससे फिटनेस कराने में उनके 5000 रुपये अत्यधिक लगते हैं. उन्होंने कहा कि बगरू में गाड़ियों को घुमाने के लिए भी जगह नहीं होती है. जिससे कई बार वहां पर एक्सीडेंट होने की संभावना भी बढ़ जाती है. ऐसे में परिवहन विभाग को इस आदेश को वापस ही लेना पड़ेगा.

आदेश नहीं लिया वापस तो सड़कों पर उतरेंगे ट्रांसपोर्टर
राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट के प्रदेश अध्यक्ष गोपालसिंह राठौड़ ने बताया की परिवहन विभाग इस आदेश को वापस नहीं लेता है तो राजस्थान के सभी ट्रक ट्रांसपोर्ट और मिनी बस चालक इस आदेश के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे. जिसकी जिम्मेदारी भी परिवहन विभाग की होगी