राजस्थान के सियासी हालातों पर पायलट 'मौन', दिल्ली से जयपुर लौटने पर भी नहीं तोड़ी चुप्पी

Jaipur News: 5 दिनों तक दिल्ली में मीडिया उनके आवास के बाहर डेरा डाले रही और बुधवार शाम से जयपुर के आवास के बाहर भी पत्रकार खड़े रहे. लेकिन सचिन पायलट नहीं बोले. 

राजस्थान के सियासी हालातों पर पायलट 'मौन', दिल्ली से जयपुर लौटने पर भी नहीं तोड़ी चुप्पी
राजस्थान के सियासी हालातों पर पायलट 'मौन'. (फाइल फोटो)

Jaipur: दिल्ली दौरे से लौट आए सचिन पायलट (Sachin Pilot) वर्तमान सियासी हालातों को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं. 7 दिनों से सचिन पायलट ने मीडिया में कोई बयान नहीं दिया है. पत्रकारों ने कई बार उनसे सवाल पूछने की कोशिश की है लेकिन सचिन पायलट एक रहस्यमयी चुप्पी साधे हुए हैं. प्रियंका गांधी या पार्टी आलाकमान से कोई मुलाकात या बातचीत को लेकर पायलट ने अभी तक कोई खुलासा नहीं किया है. सचिन पायलट कैंप के विधायक और उनके समर्थक भी पायलट की चुप्पी से हैरान हैं.

दरअसल, राजस्थान कांग्रेस में चल रहे सियासी घमासान के बीच सचिन पायलट खामोश हैं. इस खामोशी के कई मायने निकाले जा रहे हैं. 5 दिनों के दिल्ली दौरे से बुधवार को जयपुर लौटे सचिन पायलट पूरी तरह से मौन हैं. दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व या पार्टी के बड़े नेताओं से मुलाकात हुई और अगर हुई तो क्या आश्वासन मिला इस पर अभी तक पायलट चुपी साधे हुए हैं. 

5 दिनों तक दिल्ली में मीडिया उनके आवास के बाहर डेरा डाले रही और बुधवार शाम से जयपुर के आवास के बाहर भी पत्रकार खड़े रहे. लेकिन सचिन पायलट नहीं बोले. सचिन पायलट ने आखिरी बार मीडिया से 11 जून को जयपुर में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान बात किया था. उस दिन भी पायलट ने सियासी हालातों के बारे में कोई जवाब नहीं दिया, बस रीता बहुगुणा जोशी के सवाल के जवाब के बाद उठ कर चल दिए थे.

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अब सचिन पायलट की इस खामोशी से कई सवाल खड़े हो रहे हैं?
सवाल नंबर एक
आखिर सचिन पायलट मीडिया से बात क्यों नहीं करना चाहते? हर बार हर मुद्दे पर खुलकर बोलने वाले सचिन पायलट इस बार दिल्ली और जयपुर दोनों जगह पायलट मीडिया से क्यों बच रहे हैं?

सवाल नंबर दो
सचिन पायलट मीडिया को यह क्यों नहीं बताना चाहते कि प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) से क्या उनकी कोई बातचीत हुई है या नही. अगर हुई है तो क्या बात हुई है.

सवाल नंबर 3
दिल्ली में 5 दिनों के दौरे का लब्बोलुआब क्या रहा? क्या पार्टी आलाकमान से कोई भरोसा आश्वासन पायलट को मिल पाया है?

सवाल नंबर 4
राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर कोई फार्मूला कोई फार्मूला तय हो पाया है.

सवाल नंबर 5
राजस्थान के वर्तमान सियासी हालातों में जब बसपा से आए विधायक और निर्दलीय विधायक लगातार पायलट पर हमला बोल रहे हैं, तब सचिन पायलट क्यों खामोश हैं? बसपा से आए विधायक संदीप यादव ने उन्हें गद्दार तक कह दिया लेकिन फिर भी सचिन पायलट चुप हैं.

सवाल नंबर 6
पायलट कैंप के विधायक और उनके समर्थक भी यह जानना चाहते हैं कि आखिर इस सियासी घमासान का नतीजा क्या निकलेगा.

सवाल नंबर 7
सचिन पायलट और उनके विधायक यह तो कह चुके हैं कि वह कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे. लेकिन अगर कोई समाधान नहीं निकलता है तो आने वाले दिनों में सचिन पायलट और उनके विधायकों की क्या रणनीति रहने वाली है.

दरअसल, पायलट कैंप के विधायक और समर्थक भी सचिन पायलट की स्थिति से हैरान हैं. पिछले कई दिन से लगातार पायलट कैंप के विधायक उनसे मुलाकात कर रहे हैं. प्रियंका गांधी या पार्टी आलाकमान से क्या बातचीत हुई इसे लेकर पायलट कैंप के विधायक कहते हैं इस संबंध में सचिन पायलट ही बता पाएंगे.

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वहीं, सचिन पायलट चुप हैं लेकिन उनके कैंप के विधायक वेद प्रकाश सोलंकी, इंद्राज गुर्जर, रामनिवास गावड़िया, राकेश पारीक लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं. यहां तक कि कल दीपेंद्र सिंह ने भी एक प्रेस नोट जारी कर मीडिया में आ रही मंत्रिमंडल फार्मूले की खबरों को गलत बताया. सिंह ने कहा कि हर खामोशी का कोई मतलब होता है और कई बार खामोशी किसी तूफान की आहट भी होती है. इस बार सचिन पायलट की खामोशी वाकई बेहद हैरान करने वाली है. चाहे पंजाब का मसला हो, जतिन प्रसाद की भाजपा में जाने की खबर हो या फिर राजस्थान के सियासी मामले हों, पायलट ने एक शब्द भी इस मुद्दे पर नहीं कहा है.

सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गांधी ने पायलट को फोन किया है लेकिन पायलट फिर भी चुप रहे हैं. दिल्ली में किससे मुलाकात हुई है, किससे फोन पर बात हुई है, पायलट ने कुछ नहीं कहा है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही कि आखिर पायलट कब बोलेंगे और कब वह वो सच जनता के समक्ष रखेंगे जो राजस्थान कांग्रेस में उनके और उनके कैंप के विधायकों का भविष्य तय करने वाला है.