झालावाड़: जी मीडिया के पहल से बदली नसबंदी शिविर की सूरत, महिलाओं ने जताया आभार

नसबंदी ऑपरेशन के बाद महिलाओं को ऑपरेशन थिएटर से लेकर वार्ड तक लाने ले जाने के लिए स्ट्रेचर तथा कंबल और बेडशीट भी उपलब्ध कराई गई. 

झालावाड़: जी मीडिया के पहल से बदली नसबंदी शिविर की सूरत, महिलाओं ने जताया आभार
शिविर में 15 महिलाओ की नसबंदी की गई.

महेश परिहार/झालावाड़: राजस्थान के झालावाड़ जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौमहला में नसबंदी शिविर के दौरान महिला मरीजों के साथ बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया था. जिसकी खबर जी मीडिया द्वारा प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद शुक्रवार को आयोजित नसबंदी शिविर में चोमहला चिकित्सालय प्रशासन पूरी तरह सचेत नजर आया. नसबंदी ऑपरेशन के बाद महिलाओं को ऑपरेशन थिएटर से लेकर वार्ड तक लाने ले जाने के लिए स्ट्रेचर तथा कंबल और बेडशीट भी उपलब्ध कराई गई. इस दौरान मरीजों के परिजनों को भी चाय तथा अन्य पेय पदार्थ उपलब्ध कराए गए.

बता दें कि, सामुदायिक केन्द्र चौमहला में शुक्रवार को सर्जन अशोक वशीष्ठ के द्वारा शिविर में 15 महिलाओ की नसबंदी की गई. नसबंदी शिवीर में जी मीडिया के द्वारा अव्यवस्था को लेकर लगातार खबरे प्रसारित की गई. जिसके बाद सालों से बिगड़ी व्यवस्था मे आश्चर्यजनक सुधार देखने को मिला. सबसे बड़ी बात तो यह रही कि प्रमुख कस्बे व ग्रामीण क्षेत्रो की महिलाओं ने व्यवस्था मे व्यापक सुधार को लेकर जी मीडिया का आत्मीय आभार जताया.

नसबंदी शिवीर मे डॉ. दीपक बेरवा, डॉ अशोक भगतानी, मेल नर्स सहित सभी चिकित्सा कर्मियो ने व्यवस्था को संभाला. साथ ही नसबंदी ऑपरेशन के बाद महिलाओं को ऑपरेशन थियेटर से वार्ड तक एवं वार्ड से एम्बुलेंस तक स्ट्रेचर व व्हील चेयर पर चद्दर व कंबल बिछाकर व औढ़ाकर चिकित्सा कर्मियो ने छोड़ा, इसके साथ ही परिजनों के लिए चाय पानी की भी व्यवस्था की गई.

गौरतलब है कि, चौमहला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अस्पताल प्रशासन द्वारा लगातार लापरवाही के चलते मरीजों और तीमारदारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता था. नसबंदी शिविर के दौरान तो हालात और भी खराब होते थे. जब महिला मरीजों को ऑपरेशन करने के बाद बेड दिए जाने की जगह जमीन पर ही लिटा दिया जाता था. यहां तक कि उन्हें बेडशीट भी नहीं दी जाती. वहीं, ऑपरेशन थिएटर से वार्ड तक लाने के लिए भी महिला मरीजों को ऑपरेशन के तुरंत बाद ही पैदल चला कर सीढ़ियां उतारा जाता था.

वहीं, जब जी मीडिया ने अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही को लेकर प्रमुखता से खबर दिखाई गई तो स्वास्थ्य महकमा एकाएक हरकत में आ गया. साथ ही, चौमहला चिकित्सालय प्रभारी तथा स्टाफ कर्मियों को नोटिस देकर लापरवाही के मामले में जवाब मांगा. वहीं, मरीजों और तीमारदारों को अस्पताल के सभी संसाधनों का उपयोग करते हुए हर संभव मदद करने के निर्देश दिए.

यहां तक कि खबर दिखाए जाने के बाद गंगधार उपखंड अधिकारी राजेश डागा ने भी चौमहला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर अस्पताल परिसर में पसरी गंदगी तथा बड़ी संख्या में कार्मिकों की अनुपस्थिति को लेकर नाराजगी जताई थी. जिसके बाद से अब चौमहला चिकित्सालय प्रशासन सचेत तो नजर आ रहा है. लेकिन अस्पताल प्रशासन की यह जागरूकता कितने दिन रहेगी, यह देखने वाली बात होगी.