झुंझुनूं: नए जिला अधिकारी ने संभाला कार्यभार, ग्रामीण विकास होगी प्राथमिकता

जिला अधिकारी ने जिला परिषद की बैठक में ना केवल तीखे तेवर दिखाए, बल्कि अधिकारियों को संकेत दे दिए कि अब पुराना ढीला ढाला रवैया नहीं चलेगा

झुंझुनूं: नए जिला अधिकारी ने संभाला कार्यभार, ग्रामीण विकास होगी प्राथमिकता
नरेगा में पंचफल योजना जैसे नवाचारों को अब धरातल पर उतारा जाएगा

संदीप केडिया/झुंझुनूं: झुंझुनूं में जिला अधिकारी रवि जैन अब पूरे एक्शन में आ गए है. उन्हें ज्वाइन किए हुए अभी 15 दिन ही हुए है लेकिन उन्होंने झुंझुनूं की नब्ज ग्रामीण विकास पहले फोकस कर लिया है. अब ना तो कागजी विकास कार्य होंगे और ना ही सार्वजनिक संपत्तियों का उपयोग चुनिंदा लोगों के लिए होगा. इसके लिए उन्होंने विशेष दिशा निर्देश दिए है और कार्रवाई करने के भी संकेत दिए है.

जिला अधिकारी रवि जैन ने जिला परिषद की बैठक में ना केवल तीखे तेवर दिखाए, बल्कि अधिकारियों को संकेत दे दिए कि अब पुराना ढीला ढाला रवैया भी नहीं चलेगा और काम को काम के तरीके से तयशुदा सीमा में करना होगा.  उन्होंने जिला परिषद में ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों व ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की विशेष बैठक बुलाकर उन्हें ना केवल लताड़ लगाई बल्कि कहा कि सालों से लंबित चल रहे विधायक व सांसद कोष के विकास कार्यों को इसी माह के अंत तक पूरा कर उन्हें रिपोर्ट पेश करें अन्यथा कार्रवाई की जाएगी.

साथ ही उन्होंने कहा कि नरेगा में पंचफल योजना जैसे नवाचारों को अब धरातल पर उतारा जाएगा. इसके लिए भी उन्होंने बीडीओ को विशेष दिशा निर्देश दिए. बैठक में कागजी विकास कार्यों को लेकर भी कलेक्टर रवि जैन ने कहा कि अब से जो विकास कार्य होगा उसके शुरू होने से पहले वहां की स्थिति, काम करते हुए की और काम पूरा होने की, तीनों स्थितियों की जानकारी बोर्ड लगाकर सार्वजनिक की जाएगी. ताकि आमजन को यह जानकारी मिल सके कि काम कितने पैसे का हुआ है, कहां पर हुआ है और कौन सी योजना में हुआ है.

गौरतलब है कि करीब चार सालों से झुंझुनूं को चार कलेक्टर तो मिले लेकिन सभी आरएएस व दूसरी सेवाओं से प्रमोट किए गए अधिकारी. चार साल बाद सीधे आईएएस से चयनित रवि जैन को झुंझुनूं में पोस्टिंग दी गई है, जिसका असर भी देखने को मिल रहा है. एक कड़क कलेक्टर के साथ-साथ सुलझे हुए अधिकारी के रूप में रवि जैन आमजन से जुड़े फैसले ले रहे है जिसकी पूरे जिले में प्रशंसा हो रही है.

सरपंच नहीं तो बीडीओ लगवाएंगे बिजली कनेक्शन
बैठक में सामने आया कि कई गांवों में पीएचईडी ने ट्यूबवैल तो खुदवा दिए लेकिन इनमें बिजली का कनेक्शन अब तक नहीं हुआ है. जिसके कारण लोगों को काफी दिक्कत हो रही है. साथ ही जो सरकारी पैसा खर्च हुआ है उसका फायदा भी उन्हें नहीं मिल पा रहा है. इसके लिए भी कलेक्टर ने आदेश दिए है कि ऐसे ट्यूबवैलों को लेकर सभी बीडीओ संबंधित सरपंचों को नोटिस देकर इनके बिजली कनेक्शन करवाने का निवेदन करेंगे. यदि निर्धारित समय में सरपंच बिजली कनेक्शन के लिए अप्लाई नहीं करते है तो अब बीडीओ बिजली कनेक्शन करवाएंगे.

वहीं दूसरी ओर अपने चहेतों के लिए खेतों में या फिर दो-चार मकानों के बीच बनाए गए ट्यूबवैल भी अब कलेक्टर रवि जैन की निगाहों में आ गए है. उन्होंने कहा है कि पीएचईडी के नियमों के मुताबिक 100 परिवारों के बीच एक ट्यूबवैल की आवश्यकता है लेकिन यदि दो-चार परिवारों के लिए ही ट्यूबवैल बनवाया गया है तो ऐसे ट्यूबवैलों की सूची बनवाकर जांच करवाई जाएगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.