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कोटा: भामाशाह योजना में नहीं हो रही उपकरणों की सप्लाई, 1 माह से कई अटके ऑपरेशन

हाल ही में अस्पताल प्रशासन ने इंप्लांट उपकरणों की सप्लाई के लिए नई फर्म से अनुबंध किया था. दो माह बीत जाने के बाद भी फर्म द्वारा भामाशाह लाभार्थियों के लिए स्पाइन के उपकरणों की सप्लाई नहीं की जा रही. 

कोटा: भामाशाह योजना में नहीं हो रही उपकरणों की सप्लाई, 1 माह से कई अटके ऑपरेशन
भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में स्पाइन के उपकरणों की सप्लाई नहीं होने से परेशानी रही है.

मुकेश सोनी/कोटा: सम्भाग का सबसे बड़ा अस्पताल एमबीएस इन दिनों भामाशाह मरीजो को दर्द दे रहा है. भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में स्पाइन के सामान जैसे राड़ स्क्रू सहित अन्य सामानों की सप्लाई नहीं होने से पिछले 1 माह से मरीजों के स्पाइन के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं. ऐसे में वार्डों में भर्ती मरीज उनके परिजन परेशान हो रहे है. ऑपरेशन टालते-टालते हालात यह हो गए है कि पूरा ऑर्थोपेडिक वार्ड मरीजों से भर गया है. राउंड पर आने वाले डॉक्टर केवल मरीजों को आज-कल का आश्वासन देकर प्रतिदिन टाल रहे हैं, लेकिन उपकरणों की सप्लाई मंगवाने के लिए अस्पताल प्रशासन गम्भीर नहीं है. 

दरअसल हाल ही में अस्पताल प्रशासन ने इंप्लांट उपकरणों की सप्लाई के लिए नई फर्म से अनुबंध किया था. दो माह बीत जाने के बाद भी फर्म द्वारा भामाशाह लाभार्थियों के लिए स्पाइन के उपकरणों की सप्लाई नहीं की जा रही. अस्थि विभाग के एचओडी डॉ अशोक तिवारी द्वारा अस्पताल प्रशासन को लिखित में भी डिमांड दे दी गई थी. उसके बाद भी सामानों की सप्लाई नहीं हुई. सामानों की सप्लाई नही होने के कारण ऑपरेशन टल रहे हैं. इससे हालात बिगड़ रहे हैं. पुराने मरीजो के वार्ड में भर्ती रहने से नए रोगियों को बेड नहीं मिल पा रहे है.  

खबर के मुताबिक कैथून निवासी विमल गहलोत (उम्र 37 साल) का मशीन में काम करते समय हाथ आ गया था. फरवरी में कुछ दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती हुआ था. 7 मई को दुबारा अस्पताल में भर्ती किया गया. हाथ में प्लेट डलनी है. लेकिन सामान नहीं आने के कारण अभी तक ऑपरेशन नहीं हुआ. वहीं बारां जिले के  कवाई सालपुरा निवासी लक्ष्मण मिट्टी में दब गया था. उसके शरीर का पीछे का हिस्सा काम नहीं करता. पिछले एक माह से अस्पताल के अस्थि वार्ड में भर्ती है. सामान नहीं होने के कारण ऑपरेशन नहीं हुआ.

जबकि बारां के किशनगंज निवासी बलराम काम करते समय मिट्टी में दब गया था. रीड की हड्डी में तकलीफ है, उठ नहीं सकता. इसके रॉड डलनी है. पिछले 20 दिनों से अस्पताल में भर्ती है लेकिन सामान नहीं आने का कारण ऑपरेशन नहीं हुआ. वहीं सांगोद निवासी सागर हिंडोली में सड़क दुर्घटना में घायल हुआ था. 5 मई को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. जब से बेड पर पर बेड पर पर लेटा हुआ है सामान नहीं होने के कारण इसका भी ऑपरेशन नहीं हुआ.

वहीं झालावाड़ निवासी पप्पू लाल यादव बाइक से दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. 12 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती था उसके बाद उसको छुट्टी दे दी गई. ऑपरेशन के लिए दुबारा अस्पताल में भर्ती करवाया गया. पिछले 20 दिन से अस्पताल में भर्ती है. हाथ पैर में रॉड डालनी है, लेकिन सामान नहीं होने के कारण होने के कारण ऑपरेशन अटका हुआ है. ये तो बानगी है ऐसे कई मरीज है जिन्हें बार-बार एक ही आश्वासन देते है, सामान नहीं हैं. ऐसे कई मरीज जिन्हें या तो सामान बाजार से खरीदना पड़ रहा है या छुट्टी करवाकर निजी अस्पताल जाना पड़ रहा है.

जिम्मेदारों ने बताई समस्या 
भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में स्पाइन के उपकरणों की सप्लाई नहीं होने से परेशानी रही है. हमने सामानों की डिमांड के लिए अस्पताल अधीक्षक को संबंधित सामानों की सूची दे रखी है, लेकिन अभी तक मंगवाया नहीं गया है. ऑर्थोपेडिक विभाग द्वारा केवल स्पाइन के सामानों की सप्लाई नहीं होने की जानकारी मिली थी. हमारे कार्यालय से समय समय पर सामान सप्लाई के ऑर्डर जारी किए जाते है. लेकिन पिछले 20 दिनों से फर्म द्वारा स्पाइन के सामान सप्लाई नही किये जा रहे. इस पर संबंधित फर्म को चेतावनी पत्र जारी कर सामान सप्लाई के लिए तीन दिन का समय दिया है. यदि फर्म द्वारा समय सीमा में सामान सप्लाई नहीं किये जाते तो सेकंड सप्लायर (L 2)  से सामान की खरीद की जाएगी.